जिन्हें भारत की वास्तविक जानकारी नहीं होती, वही ऐसे प्रश्न पूछते हैं ! – भारत का करारा उत्तर
ऐसे प्रश्न विदेशी पत्रकार कभी डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका या शी जिनपिंग के चीन से पूछने का साहस क्यों नहीं करते ? उस समय उन्हें किस बात का भय होता है ?
ऐसे प्रश्न विदेशी पत्रकार कभी डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका या शी जिनपिंग के चीन से पूछने का साहस क्यों नहीं करते ? उस समय उन्हें किस बात का भय होता है ?
संपूर्ण विश्व पर वर्तमान में तृतीय विश्वयुद्ध के काले बादल मंडरा रहे हैं । ऐसी स्थिति में केवल राजनीतिक अथवा बौद्धिक स्तर के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं । राष्ट्र को आध्यात्मिक अधिष्ठान की महती आवश्यकता है ।
कुछ दिन पूर्व राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार दल के प्रवक्ता विकास लवांडे ने २० वारकरी कीर्तनकारों को, जो हिन्दुत्व का प्रचार करते हैं, इसलिए उन पर धर्मांध होने का आरोप लगाकर उनके नाम सार्वजनिक किए हैं ।
महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक आदि राज्यों में मंदिरों का प्रभावी संगठन निर्माण करने के उपरांत अब छत्तीसगढ राज्य में भी मंदिर महासंघ की स्थापना की गई है । अक्षय तृतीया के पवित्र मुहूर्त पर १९ अप्रैल २०२६ को मंदिर महासंघ की औपचारिक स्थापना की जाएगी ।
ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप लियो के साथ राजनीतिक मतभेद होने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक चित्र सोशल मीडिया पर प्रसारित किया था । उसमें उन्होंने स्वयं को यीशु मसीह के रूप में दिखाया था ।
यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी । इसमें नागरिकों की जीवनशैली से संबंधित विस्तृत प्रश्न पूछे जाएंगे ।
हिन्दुओं के निरंतर संघर्ष की विजय ! कुछ दिन पूर्व भाजपा सांसद प्रा. डॉ. (श्रीमती) मेधा कुलकर्णी ने बारव के स्थान पर जहां अतिक्रमण हुआ था, वहां जाकर आंदोलन किया था ।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की दयनीय स्थिति सभी को ज्ञात है; किन्तु उसका पुनर्गठन करने की महाशक्तियों की इच्छा नहीं है; क्योंकि ये देश विश्व का नहीं, अपितु अपना ही हित साधना चाहते हैं !
महाराष्ट्र एस्.टी. प्रशासन का शिथिल ( निम्नस्तर का) कार्यभार ! इसी लाचार व्यवस्था का लाभ निजी बस संस्थाएं उठा रही हैं ।
‘ सुराज्य अभियान ’ ने ५ पत्रकार परिषदें आयोजित कर राज्यभर में दिया निवेदन !
मुसलमान युवक मीठी-मीठी बातें करके जाल में फंसाते हैं ! – ‘लव जिहाद’ के मकडजाल से अत्यंत प्रतीकूल परिस्थिति से बचीं हिन्दू युवतियों ने व्यक्त कीं अपनी पीडाएं