सरकार को नूंह में आक्रमण होने के संदर्भ में पूर्व सूचना नहीं थी !
आंतरिक शत्रुओं की गतिविधियों की जानकारी न रखनेवाली सरकार, क्या विदेशी शक्तियों के आक्रमणों का प्रतिकार कर सकेगी ?
आंतरिक शत्रुओं की गतिविधियों की जानकारी न रखनेवाली सरकार, क्या विदेशी शक्तियों के आक्रमणों का प्रतिकार कर सकेगी ?
एक ओर पाकिस्तान के प्रधान मंत्री भारत से चर्चा करने का आवाहन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर आतंकवादियों को भेजकर भारतीय सैनिकों को मार रहे हैं । ऐसे धूर्त पाकिस्तान को अब स्थायीरूप से पाठ पढाने के लिए भारत सरकार को कठोर कदम उठानाछकुछ करेगी अथवा नहीं ?
त्रिपुरा राज्य के सिपाहीजला की घटना
पंजाब में धार्मिक नेताओं की हत्या करने का रच रहा था षड्यंत्र !
साथीदार को लुधियाना से बंदी बनाया
एक प्रकरण में बंदी न बनाया जाए; इसलिए आरोपी से इन पुलिस वालों ने १० लाख रुपए रिश्वत मांगी थी, ऐसा इन पर आरोप है ।
यहां के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंह का स्थानांतर किया गया है तथा उनके स्थान पर नरेंद्र बिजारनिया की नियुक्ति की गई है ।
सबल प्रमाणों के अभाव में आरोपी का मुक्त होना, पुलिस तथा न्याय व्यवस्था की यह त्रुटि कब दूर होगी ?
‘आज इस प्रकार की घटनाएं कर हिन्दुओं को बदनाम करने के पीछे धर्मांध मुसलमान है क्या ?’, इसकी खोज पुलिस को करनी चाहिए !
ऐसा नृशंस कृत्य करने वाले हत्यारों को सार्वजनिक रूप से चौराहे पर फांसी दो !
इन देशद्रोहियों के विरुद्ध कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी आदि मुसलमानप्रेमी राजनीतिक पार्टियां कभी मुंह नहीं खोलेंगी, यह ध्यान में लें !