UP Conversion Racket : लखनऊ (उत्तर प्रदेश) – धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के ७ लोग गिरफ्तार !

  •  मूल रूप से हिन्दू रहे एक पादरी ने ईसाई युवती के प्रेम में पडकर धर्म परिवर्तन किया ।

  •  पिछले तीन दशकों से भोले-भाले हिन्दुओं का धर्मांतरण कर रहा था ।

गिरफ्तार किए गए आरोपी

लखनऊ (उत्तर प्रदेश) – यहां के मोहनलालगंज क्षेत्र में धर्मांतरण कराने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह की गतिविधियों का खुलासा हुआ है । पुलिस ने इस प्रकरण में गिरोह के मुख्य सरगना डैनियल, उसकी पत्नी सहित कुल ७ आरोपियों को बंदी बनाया । उनके पास से धार्मिक साहित्य, धर्मांतरण संबंधी पुस्तकें, बैंक पासबुक, एक चारपहिया वाहन तथा एक डायरी जब्त की गई है ।

पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली वसंत कुमार द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारी 

१. इस गिरोह के मुख्य सरगना डैनियल का मूल नाम बाला सुब्रह्मण्यम था । वह मूल रूप से तमिलनाडु का निवासी है । १६ वर्ष की आयु में वह सुबला नामक एक ईसाई युवती के प्रेम में पड गया । उसके कहने पर उसने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया । (केवल मुस्लिम युवतियां ही नहीं, बल्कि ईसाई युवतियां भी हिन्दू युवकों पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालती हैं, इस पर ध्यान दें ! – संपादक)

२. विवाह के पश्चात डैनियल ने तमिलनाडु के एफ.जी.पी.सी. चर्च के निर्देश पर धर्मांतरण का कार्य प्रारंभ किया । वर्ष १९९८ में इस दंपति को लखनऊ भेजा गया । डैनियल को वाराणसी प्रांत का पादरी नियुक्त किया गया तथा प्रत्येक वर्ष अधिक से अधिक लोगों का धर्मांतरण कराने का वार्षिक लक्ष्य दिया जाता था । इसके बदले चर्च की ओर से उसे पर्याप्त आर्थिक सहायता भेजी जाती थी ।

३. यह गिरोह गरीब एवं असहाय ग्रामीणों को निशाना बनाता था । घुटनों का दर्द ठीक करने, असाध्य रोगों का उपचार करने, आर्थिक समस्याएं दूर करने, विवाह कराने तथा संतान प्राप्ति का प्रलोभन देकर ‘प्रार्थना सभा’ के नाम पर लोगों का ब्रेनवॉश किया जाता था ।

कैसे हुआ खुलासा ?

मोहनलालगंज के भरसवा गांव के निवासी अमित कुमार ने इस गतिविधि का विरोध किया, जिसके पश्चात पूरा प्रकरण सामने आया । आरोपियों ने जब उन पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया, अभद्र व्यवहार किया तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी, तब ग्रामीणों का आक्रोश भडक उठा । २२ जुलाई को शिकायत दर्ज कराए जाने के पश्चात पुलिस ने कार्यवाही करते हुए पूरे गिरोह के सदस्यों को बंदी बनाया ।

संपादकीय भूमिका

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून होने के पश्चात धर्मांतरण की घटनाएं लगातार शुरू हैं । इसलिए केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें मृत्युदंड का प्रावधान भी होना चाहिए । तभी भोले-भाले हिन्दुओं के धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लग सकेगी ।