मेरठ (उत्तरप्रदेश) : गदा खान ने बकरीद पर दुर्गा मंदिर में पकाया बकरे का मांस !
क्रोधित हिन्दू संगठनों के विरोध के पश्चात पुलिस द्वारा आरोपी को बंदी बनाया l
क्रोधित हिन्दू संगठनों के विरोध के पश्चात पुलिस द्वारा आरोपी को बंदी बनाया l
यहां के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के करोडों रुपए के सोने के बिस्कुट एवं सिक्के गायब हुए हैं तथा मंदिर की सुरक्षा में त्रुटियां हैं, ऐसा समाचार गुप्तचर ब्योरे के माध्यम से प्रकाशित हुआ था ।
अब हिन्दुओं के मंदिरों का नियंत्रण भक्तों को सौंपने का समय आ गया है, यह इस घटना से ध्यान में आ रहा है तथा इसके लिए भक्तों को राष्ट्रीय स्तर पर संगठित होकर सरकारों को बाध्य करना चाहिए
मंदिर के सभी पुजारी हिन्दू हैं, केवल ब्राह्मण नहीं , तदापि अन्याय होते देखकर केवल ब्राह्मण समुदाय के लोग ही *आंदोलन के लिए सडकों पर क्यों उतर रहे हैं ? अन्य हिन्दूओऺ में इसकी संवेदना क्यों नहीं है ? यह हिन्दूओऺ के लिए लज्जास्पद है !
किले पर ‘ईदगाह’ का निर्णय न्यायप्रविष्ट, फिर भी मार्ग अवरुद्ध कर नमाज पढी !
नमाज पढने के समय हिन्दुओं को किले के दुर्गादेवी मंदिर में प्रवेश निषेध l
‘कांतारा’ फिल्म के विषय में बोलते समय श्री चामुंडी देवी की नकल उतारकर उनका अनादर करने के प्रकरण में अभिनेता रणवीर सिंह ने न्यायालय के आदेश के अनुसार यहां के चामुंडी पर्वत पर स्थित मंदिर में आकर अपने अपराध की क्षमा मांगी ।
महाराष्ट्र मंदिर महासंघ इस अधिनियम का कडा विरोध करता है । राज्य में हिन्दुत्वनिष्ठ सरकार है, इसलिए सरकार मंदिरों के हित में कानून लाए । जब तक मंदिरों की इनाम भूमियों की बिक्री के संबंध में प्रस्तावित कानून का प्रारूप निरस्त नहीं किया जाता, तब तक हम इस कानून का विरोध करते रहेंगे ।
पाकिस्तान जैसी शासन व्यवस्थावाली कांग्रेस शासित कर्नाटक में इसके अतिरिक्त और क्या हो सकता है ? अंतर केवल इतना है कि पाकिस्तान में पुलिस भी मुसलमान है, इसलिए वहां उन पर पथराव नहीं होता; एवं कर्नाटक मे कानून-व्यवस्था से कुछ भी लेना-देना न रखनेवाले मुसलमान, बहुसंख्यक हिन्दू पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर देते हैं ।
औरंगजेब की कब्र की देखभाल के लिए प्रति वर्ष २,५५,१६० रुपये (वर्ष २०२२-२३ ) दिए जा रहे हैं, इसके विरुद्ध छत्रपती शिवाजी महाराज के ‘श्री शिवराजेश्वर मंदिर’ के लिए मात्र १ लाख रुपये दिए जा रहे हैं ।
उच्च न्यायालय के निर्णय में भोजशाला परिसर स्थित मस्जिद में नमाज की अनुमति निरस्त कर दी गई थी । इसलिए मुसलमान वहां नमाज अदा नहीं कर सके ।