Badrinath Temple Donation Theft : मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल निलंबित

  • बद्रीनाथ धाम में दान चोरी का प्रकरण

  • मंदिर समिति द्वारा गठित जांच दल को दान चोरी के प्रमाण मिले !

प्रमोद नौटियाल

देहरादून (उत्तराखंड) – उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में दान चोरी के आरोपों के प्रकरण में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया है । प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने भी गढवाल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है ।

१. बद्रीनाथ धाम में दान की राशि की गणना के समय अनियमितता होने के दावे सोशल मीडिया पर सामने आने के उपरांत ‘भैरव सेना’ नामक संगठन ने पुलिस में परिवाद प्रविष्ट कर प्रकरण की जांच तथा प्राथमिकी प्रविष्ट करने की मांग की थी ।

२. आरोपों के पश्चात मंदिर समिति ने चार सदस्यीय जांच दल का गठन किया । जांच दल सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों के बयान तथा पुराने अभिलेखों की जांच कर रहा है ।

३. जांच दल की प्रारंभिक जांच में दान चोरी के आरोप सही पाए गए । इसके उपरांत मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने अपने निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया । साथ ही उन्हें बिना अनुमति समिति का मुख्यालय छोडने पर भी रोक लगा दी गई है ।

४. इस चोरी के संबंध में राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल के निर्देश पर तीन सदस्यीय सरकारी जांच समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता गढवाल आयुक्त करेंगे । समिति को १५ दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट और अनुशंसाएं सरकार को प्रस्तुत करनी होंगी ।

५. मंदिर समिति के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के प्रति उनकी नीति ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) की है और दोषियों के विरुद्ध कडी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।

संपादकीय भूमिका

मंदिरों में दान चोरी के लगातार सामने आ रहे प्रकरणों से यह स्पष्ट होता है कि देश के सरकारी नियंत्रणवाले सभी मंदिरों तथा अन्य मंदिरों का प्रबंधन केवल और केवल श्रद्धालुओं के हाथों में ही होना चाहिए । सरकार के माध्यम से यह कार्य प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है, इसलिए हिन्दुओं को इस विषय पर जनद बाव बनाना आवश्यक है ।