Ram Mandir Donation Theft : महाकुंभ पर्व की अवधि में गबन अधिक संगठित तरीके से होने का संदेह !

अयोध्या (उत्तर प्रदेश) – प्रयागराज में जनवरी एवं फरवरी २०२५ में हुए महाकुंभ पर्व की अवधि में अयोध्या के श्रीराम मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या एवं दान की मात्रा बडी मात्रा में बढने के उपरांत गबन अधिक संगठित तरीके से होने का संदेह व्यक्त किया जा रहा है । सूत्रों ने जानकारी दी है कि इसी अवधि में पैसे गिनने की प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी ।

महाकुंभ पर्व की ४५ दिनों की अवधि में श्रीराम मंदिर के दान में बडी बढोतरी हुई थी । इस पृष्ठभूमि पर ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ की सहायता करने के लिए ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास’ की अनुशंसा के अनुसार अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त किए गए । दान किए गए पैसों की गिनती कर उन्हें बैंक की शाखा में भेजने का काम करने के लिए ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ ने ‘सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज’ की नियुक्ति की ।

‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ ने ही हमें भर्ती करनेवाले लोगों के नाम दिए थे ! – सिक्योरिटी सर्विसेज

सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज के संचालक गौरव सिंह ने कहा, ‘‘हमारी संस्था बैंकों एवं अन्य प्रतिष्ठानों को स्वच्छता एवं रखरखाव (मेंटेनेंस) के लिए कर्मचारी उपलब्ध कराती है । हम बैंकों के कार्यों के लिए संबंधित कुशल जनशक्ति (मैनपावर) उपलब्ध नहीं कराते हैं । संबंधित बैंक या प्रतिष्ठान उन कर्मचारियों से क्या काम करवाता है ?, यह उनका विषय है । श्रीराम मंदिर की भर्ती प्रक्रिया में हमारी संस्था को स्वयं से लोग चुनने की स्वतंत्रता नहीं थी । इस प्रकरण में ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ ने ही हमें भर्ती करनेवाले लोगों के नाम दिए थे । हमने केवल उनके कागदपत्रों (दस्तावेजों) का सत्यापन (वेरिफिकेशन) करके आगे की प्रक्रिया पूरी की । उन व्यक्तियों ने इससे पहले कभी भी हमारे साथ काम नहीं किया था । इस संदर्भ के सभी दस्तावेजी प्रमाण विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दिए गए हैं ।’’