Mahakumbh Snan Develops Immunity : कुंभ में पवित्र स्नान करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता (हर्ड इम्युनिटी) बढती है !
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय और संबद्ध शोध संस्थानों की रिपोर्ट
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय और संबद्ध शोध संस्थानों की रिपोर्ट
त्रिवेणी संगम पर स्नान के लिए आए १० हजार से अधिक नागरिकों को सुबह की कड़ाके की ठंड सहन नहीं हुई। इनमें से १३२ मरीजों को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इन रोगियों का उपचार महाकुंभ पर्व के लिए स्थापित केंद्रीय चिकित्सालय तथा पास के स्वरूपरानी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में चल रहा है।
प्रयागराज के केंद्रीय चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सकीय अधीक्षक डॉ. मनोज कौशिक ने ‘सनातन प्रभात’ से वार्तालाप करते समय जानकारी देते हुए कहा ‘‘एच.एम.वी.पी.’ वायरस के संदर्भ में भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है । सरकार द्वारा कुछ अलग मार्गदर्शक सूचनाएं नहीं हैं । हम हमारी एवं रोगियों की सुरक्षा हेतु मुखपट्टी का (मास्क का) उपयोग कर रहे हैं ।’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर यहां के महाकुंभ में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं को अच्छी स्वास्थ्यचिकित्साएं मिल रही हैं । अभी तक महाकुंभ में १० सहस्र श्रद्धालुओं ने इसका लाभ उठाया है ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है ।
चीन में बड़े पैमाने पर ‘ह्यूमन मेटापन्यूमो वायरस’ (एच.एम.पी.वी.) नामक वायरस का संक्रमण हो रहा है। अब भारत में बेंगलुरु में इस वायरस से संक्रमित पहला रोगी पाया गया है। मुख्य बात यह है कि यह रोगी मात्र ८ महीने का बच्चा है।
सर्दी-खांसी के मरीजों का सर्वे करने का निर्देश दिया गया है । महाराष्ट्र सरकार ने भी स्वच्छता के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं ।
चीन में ‘एच.एम.पी.वी.’ नामक वायरस तीव्र गति से फैल रहा है । इस संदर्भ में महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के तंत्र के साथ ही नागरिकों के लिए एक परिपत्रक प्रकाशित किया है तथा इसमें महत्त्वपूर्ण सूचनाएं दी गई हैं ।
दिन-रात स्क्रीन के प्रखर प्रकाश के सामने रहने से उनकी आंखों को कष्ट हो सकता है । इसीलिए इन कृत्रिम; परंतु घातक किरणोत्सर्गीय गर्मी से आंखों की रक्षा करना आवश्यक होता है ।
मानवीय जीवन का सर्वांगीण विचार करनेवाला तथा सफल, पुण्यमय, दीर्घ एवं स्वास्थ्यमय जीवन कैसे व्यतीत करना चाहिए ?, इसका मार्गदर्शन करनेवाला शास्त्र है आयुर्वेद ! अपना स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए सभी को आयुर्वेद में दिए स्वास्थ्य संबंधी नियम, दिनचर्या एवं ऋतुचर्या को समझ लेना आवश्यक है ।