Sabarimala PIL Supreme Court : क्या आप देश के मुख्य पुजारी हैं ?
सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के समय सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता ‘इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन’ को कडे शब्दों में फटकार लगाई ।
सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के समय सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता ‘इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन’ को कडे शब्दों में फटकार लगाई ।
वाराणसी में शुक्रवार की नमाज से पहले ज्ञानवापी एवं काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार संख्या ४ के बाहर कुछ समय के लिए तनाव का वातावरण बन गया था ।
केरल राज्य के शबरीमाला मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों में महिलाओं के प्रवेश से संबंधित याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई शुरू है ।
सर्वोच्च न्यायालय में चल रहा शबरीमला मन्दिर की परम्पराओं का प्रकरण l
सरकार को कार्यवाही करने का अधिकार होने का न्यायालय का मत l
घर में नमाज पढ़ने पर महिलाओं को मस्जिद में नमाजपठने वाले पुरुषों जितना ही धार्मिक फल मिलता है, ऐसी जानकारी ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सर्वोच्च न्यायालय में दी ।
आप यह नहीं कह सकते कि “हम एक संप्रदाय के हैं और वे दूसरे के ।” यदि हिन्दू संप्रदाय दूसरों के लिए अपने द्वार नहीं खोलते, तो अंततः उनको ही हानि होगी। ऐसा अवलोकन सर्वोच्च न्यायालय ने सबरीमला मंदिर की घटना की सुनवाई के समय किया ।
यदि किसी श्रद्धालु को देवता की मूर्ति को स्पर्श करने से रोका जाता है, तो क्या उस स्थिति में राज्यघटना उसके समर्थन में आगे आएगी, ऐसा प्रश्न सर्वोच्च न्यायालय ने शबरीमाला मंदिर में १० से ५० वर्ष आय वर्ग की महिलाओं के प्रवेश से संबंधित प्रकरण की सुनवाई के समय उठाया ।
जनता का मानना है कि प्रशासनिक उदासीनता के लिए उत्तरदायी लोगों को राजमार्ग पर ही मृत्यु दंड दिया जाए, तभी यह समस्या दूर होगी !
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि यदि न्यायालय शरीयत कानून की इन धाराओं को निरस्त करता है, तो भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम लागू किया जा सकता है । व्यक्तिगत कानून को संविधान के अनुच्छेद २५ के अंतर्गत संरक्षण प्राप्त नहीं है ।
वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा धार्मिक संस्थाओं को अपने कार्यों के प्रबंधन के अधिकार के संबंध में दिए गए तर्क को सुनते समय सर्वोच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी की ।