प्रयागराज कुंभपर्व २०२५
प्रयागराज – यहां चल रहे महाकुंभपर्व में मौनी अमावस्या के दिन प्रातः भगदड मची, जिसमें ३० श्रद्धालुओं को अपने प्राण गंवाने पडे । इसके विरोध में सर्वाेच्च न्यायालय में जनहित याचिका प्रविष्ट की गई है । सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता विशाल तिवारी ने यह याचिका प्रविष्ट की है । इस याचिका में केंद्र एवं राज्य सरकार को प्रतिवादी बनाया गया है तथा ऐसी दुर्घटनाएं न हों; इसके लिए न्यायालय से मार्गदर्शक तत्त्व तथा सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश जारी करने की मांग की गई है ।

महाकुंभ क्षेत्र में होनेवाली दुर्घटनाएं रोकने हेतु, साथ ही दुर्घटना के उपरांत पीडितों को तत्काल सहायता मिले, इसके लिए निम्न मांगें की गई हैं –
१. भगदड के लिए उत्तरदायी अधिकारियों पर कार्यवाही करें ।
२. भगदड में घायल ६० श्रद्धालुओं को उचित सुरक्षा मिले ।
३. जहां कुंभपर्व लगता है, उस प्रत्येक राज्य को सहायता केंद्र लगाने की अनुमति मिले ।
४. देश की प्रमुख भाषाओं में जानकारी देनेवाले फलक (डिस्प्ले बोर्ड) लगाने की मांग, जिससे श्रद्धालुओं को उनकी भाषा में जानकारी मिलने से सुविधा होगी ।
५. गैरहिन्दी भाषियों के लिए चिकित्सकीय सहायता कक्ष स्थापन करना
६. उत्तरप्रदेश सरकार के साथ समन्वय कर सभी राज्य महाकुंभपर्व में डॉक्टर्स एवं नर्ससहित अपने-अपने चिकित्सकीय कक्ष लगाएं ।