केरल की पाठशालाओं में गुजरात दंगा तथा मुगल काल इन विषयों का अभ्यासक्रम पुन: सिखाने की सिफारिश !

क्या छात्रों को ‘गुजरात दंगे के’ विषय में जानकारी देनेवाली केरल की साम्यवादी सरकार द्वारा इसी दंगे से पूर्व धर्मांध मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं को जला कर मारने की ‘गोध्रा घटना ’ के विषय में जानकारी दी गई है ? इससे केरल सरकार का चरमसीमा पर हिन्दूद्वेष दिखाई देता हैे ! केंद्र सरकार को ऐसी हिन्दूद्वेष की सीख देनेवाली राज्य सरकार विसर्जित करना चाहिए !

बरेली के ईसाई पाठशाला में मेहंदी लगाकर आई साढे तीन वर्ष आयु की छात्रा को दिया दंड !

एलर्जी के नाम पर हिन्दुओं की परंपराआ का विरोध करने की ईसाई मिशनरी पाठशालाओं की यही पद्धति है, हिन्दू इतने भी मूर्ख नहीं कि यह उनकी समझ में न आए !

भारत में भी इस्रायल के अनुसार प्रत्येक युवक को सेना का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होना चाहिए ! – केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर

राष्ट्रप्रेमी जनता की भी यह इच्छा है कि केंद्रीय राज्यमंत्री को अपनी सरकार के सामने यह विचार प्रस्तुत कर निर्णय अपनाना चाहिए !

केंद्र सरकार द्वारा ‘भारतीय शिक्षा समिति’ की स्थापना

योगऋषि रामदेव बाबा के ‘पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट’ को सौंपा इसका दायित्व !

वरिष्ठ विद्यार्थी कनिष्ठ विद्यार्थियों को उनके कान के नीचे मार रहे थे !

मेडिकल शिक्षा ग्रहण करनेवाले विद्यार्थी भविष्य में डॉ. बन कर जनता को मेडिकल सेवा देनेवाले हैं; परंतु उन पर कौन से संस्कार हुए हैं । इस घटना से यह ध्यान में आता है । शिक्षा केवल पुस्तकीय नहीं, अपितु संस्कारयुक्त होनी चाहिए ।

बिहार के सीमांचल क्षेत्र के ५०० से अधिक सरकारी विद्यालयों में रविवार के स्थान पर शुक्रवार को अवकाश !

झारखंड और बिहार ये राज्य भारत में है कि पाकिस्तान में ? अब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हिन्दुओं को भी धार्मिक दिनों के अनुसार अवकाश देने की मांग करनी चाहिए !

हिजाब परिधान करना स्वीकार्य हो इसके लिए कर्नाटक में मुसलमान निजी महाविद्यालय प्रारंभ करेंगे !

पिछले ७५ वर्षों में सभी दलों के शासकों ने मुसलमानों को मुख्यधारा में लाने के लिए तुष्टीकरण द्वारा कई प्रयास किए किन्तु दिखाई यही देता है कि ‘किसी की पूंछ यदि टेढ़ी होती है, तो वह टेढ़ी ही रहती है’ !

देहरादून (उत्तराखंड) के एक विद्यालय में ‘शुक्रवार’ को आधे दिन की छुट्टी देने का प्रयत्न अभिभावकों ने असफल किया !

ऐसे जागृत अभिभावक सर्वत्र चाहिए ! उत्तराखंड की भाजपा सरकार को ऐसे विद्यालय के व्यवस्थापन के विरोध में कार्रवाई करनी चाहिए !

किशनगंज (बिहार) में १९ पाठशालाएं रविवार की अपेक्षा ‘शुक्रवार’ के दिन बंद !

हिन्दु बहुसंख्यक होते हुए भी उन्होंने पिछले ७५ वर्षाें में धर्म के आधार पर इस प्रकार का कोई भी निर्णय नहीं अपनाया है । किंतु जहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं, वहां त्वरित उनके धर्मानुसार इस प्रकार का निर्णय अपनाया जाता है । हिन्दू यह बात ध्यान में रखें, वही सुदिन होगा !

बूंदी (राजस्थान) के सरकारी विद्यालय में धर्मांध कट्टरपंथियों ने तीसरी भाषा के रूप में देवभाषा संस्कृत की जगह उर्दू पढ़ाने के लिए दी धमकी !

राजस्थान में चूंकि कांग्रेस की सरकार इस्लामिक देशों की तरह ही शासन कर रही है, इसलिए देखा जा सकता है कि धार्मिक संगठनों ने कितना आतंक मचा रखा है ! इससे पता चलता है कि कांग्रेस ने देवभाषा संस्कृत को मृत भाषा घोषित कर उसका तिरस्कार किया है और ऐसा करती ही जा रही है ! इस तथ्य से यह सिद्ध होता है । इस परिस्थिति को बदलने के लिए हिन्दू राष्ट्र ही एकमात्र विकल्प है !