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नई देहली – केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता के ७५ वर्ष पूर्ण होने की पार्श्वभूमि पर ‘भारतीय शिक्षा समिति’ की स्थापना की है । इसका संचलन करने का दायित्व योगऋषि रामदेवबाबा के ‘पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट’ को सौंपा गया है । इसके लिए रामदेव बाबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया । वर्ष २०१५ में रामदेवबाबा ने इसी तरह की शिक्षा समिति का विचार केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया था; परंतु उस समय वह अमान्य कर दिया गया था ।
Bhartiya Shiksha Board: देश में अब पारंपरिक तरीके से होगी स्कूली पढ़ाई, सरकार ने रामदेव को सौंपी नए बोर्ड की कमान #BhartiyaShikshaBoard #Patanjali @yogrishiramdev #EducationNews
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— Zee Uttar Pradesh Uttarakhand (@ZEEUPUK) August 4, 2022
‘भारतीय शिक्षा समिति’ देश के विद्यालयों की पहली राष्ट्रीय समिति होगी । यह समिति पाठ्यक्रमों की मान्यता, पाठशालाओं का पंजीकरण, परिक्षाओं का आयोजन तथा प्रमाणपत्र देना इत्यादि के लिए उत्तरदायी होगी । इस समिति द्वारा भारतीय पारंपरिक ज्ञान सिखाने के साथ ही आधुनिक शिक्षा भी दी जाएगी । यह शिक्षा समिति, सी.बी.एस्.ई. (केंद्रिय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) पर आधारित होगी ।
भारतीय युवकों को विश्व का नेतृत्व सिखाएंगे ! – योगऋषि रामदेवबाबा
इस विषय में योगऋषि रामदेवबाबा ने कहा कि वर्ष १८३५ में ब्रिटिश अधिकारी मेकॉले ने जो पाप किया है, उसे धोने का कार्य ‘पतंजलि भारतीय शिक्षा समिति’ के माध्यम से किया जाएगा । अब छात्रों की मानसिकता भारतीयता के अनुरूप होगी । हम देश के युवकों को नेतृत्व करना सिखाएंगे । वे भारत का ही नहीं, अपितु संपूर्ण विश्व का नेतृत्व करेंगे ।
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