बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने की श्री गणेश मूर्ति की तोडफोड !
पाकिस्तान और बांग्लादेश के हिन्दुओं का कोई अभिभावक नहीं !
पाकिस्तान और बांग्लादेश के हिन्दुओं का कोई अभिभावक नहीं !
राष्ट्रघाती पाप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर केंद्र सरकार कब प्रतिबंध लगाएगी ?, हिन्दुओं की ओर से निरंतर ऐसा प्रश्न उपस्थित किया जा रहा है, सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए !
नूह (हरियाणा) के ‘पहलू खान’ अथवा दादरी (उत्तर प्रदेश) के ‘अकलाख’ की कथित रूप से हत्या करने का आरोप लगाते हुए, आकाश-पाताल एक करने वाले धर्मनिरपेक्षतावादियों का समूह अब चुप क्यों है ? क्या वे यह कहना चाहते हैं कि ‘चिरंजीलाल हिन्दू हैं और हत्यारे कट्टर मुसलमान हैं’, तो यह हत्या योग्य है’?
‘सर तन से जुदा’ षड्यंत्र की जांच कर इसके अंतर्गत की जानेवाली हत्याओं में संलिप्त ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई)’ जैसे इस्लामी संगठनों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए, साथ ही विद्यालयों का इस्लामीकरण करनेवाले प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोका जाए
पाकिस्तान ही नहीं, इस्लामी देशों के अल्पसंख्यक हिन्दुओं का ध्यान रखने वाला अन्य भी कोई नहीं ! अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मानवाधिकार संगठन भी ऐसे समय गायब हो जाते हैं, यह ध्यान में लें !
ऐसे वासनांधों को इस्लामी देशों के शरियत नियमानुसार उनकी कमर तक गड्ढे में गाडकर उन पर पत्थर मारने का दंड देने की किसीं ने मांग की तो आश्चर्य न लगे !
हिन्दुओं की धार्मिक फेरियों पर धर्मांधों की ओर से हमेशा ही आक्रमण होते हैं, यह हमेशा के लिए रोकने हेतु हिन्दू राष्ट्र के सिवाय पर्याय नहीं !
‘गंगा जमुनी तहजीब’ इस लुभावने नाम से हिन्दुओं को एकता और सौहार्दता की घुट्टी पिलानेवाले कथित धर्मनिरपेक्षतावादी अब मुसलमानों को क्यों उपदेश नहीं देते ?‘गंगा जमुनी तहजीब’ इस लुभावने नाम से हिन्दुओं को एकता और सौहार्दता की घुट्टी पिलानेवाले कथित धर्मनिरपेक्षतावादी अब मुसलमानों को क्यों उपदेश नहीं देते ?
क्या ऐसे लोगों पर सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति की सरकार कार्यवाही करेगी अथवा तुष्टीकरण हेतु उनकी अनदेखी करेगी ?
मध्यप्रदेश में लव जिहाद विरोधी कानून होते हुए भी धर्मांधों को कानून का तनिक भी भय नहीं दिखाई देता । धर्मांधों पर नियंत्रण हो, ऐसी कार्यवाही प्रशासन द्वारा होनी आवश्यक !