स्वीडन में अब कुरान, बायबल एवं ज्यू धर्मियों की ‘टोरा’ धार्मिक पुस्तक जलाने हेतु मांग की अर्ज !

एक महिला ने भी कुरान जलाने की अनुमति पुलिस से मांगी है । पुलिस का कहना है कि अब तक हमने किसी की भी मांग को अस्वीकार नहीं किया है । प्रत्येक की मांग की समीक्षा की जाएगी ।

उत्तराखंड में धर्मांध मुसलमानों ने किया हिन्दू परिजनों पर आक्रमण

उत्तराखंड में भाजपा की सरकार होते हुए ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए, ऐसा हिन्दुओं को लगता है !

‘७२ हूरें’ चलचित्र (फिल्म) के दिग्दर्शक संजय चौहान को सामाजिक माध्यम से जान से मारने की धमकियां !

चलचित्र को मुसलमानविरोधी कहते हुए उसकी आलोचना

धर्मांध मुसलमानों द्वारा फ्रांस के उपरांत अब बेल्जियम एवं स्वित्जरलैंड में भी हिंसाचार !

दंगे करनेवालों में मुसलमान नवयुवतीयों का भी समावेश है । यहां इन धर्मांधों द्वारा पेट्रोल बम का उपयोग किया जा रहा है ।

(…..और इनकी सुनिए) ‘जिहाद के माध्यम से फ्रांस बनेगा इस्लामी देश !’ – पैलेस्टाईन के मौलाना अबु तकी अल-दिन-अल् दारी

इस्लाम को तो शांति का धर्म कहा जाता है, तो उसके नाम पर संबंधित मौलाना का वक्तव्य, साथ ही फ्रांस में चल रही हिंसा से इस्लामी देशों का ‘इस्लाम सहयोग संगठन’, साथ ही संपूर्ण विश्व के इस्लामी विद्वान चुप क्यों बैठते हैं ?

उत्तर प्रदेश में हिन्दू व्यक्ति का धर्मांतरण करनेवाले ३ मुसलमानों को बंदी बनाया !

कठोर दंड देनेवाला धर्मांतरण विरोधी कानून लागू न होने से ऐसी घटनाएं होती हैं, यह ध्यान रखें !

नगरसेवक (मेयर) की हत्या करने का प्रयास !

फ्रान्स में लगातार ५ दिनों से हिंसा आरंभ ही है । हिंसा करनेवाले धर्मांध मुसलमानों ने पॅरिस के उपनगर के नगरसेवक के निवासस्थान को जलती हुई चारपहिए की गाडी से टक्कर मारी ।

औरंगाबाद (बिहार) के मुसलमान बहुल परिसर में ३ मंदिरों में फेंके गए मांस के टुकडे !

एक हिंदू बहुसंख्यक देश में उनके धार्मिक स्थलों को भ्रष्ट किया जा रहा है और उनके नेताओं को धमकाया जा रहा है। यह स्थिति हिंदुओं के लिए अत्यंत लज्जास्पद है !

कुकी ईसाईयों की गोलीबारी में ३ मैतेई हिन्दुओं की मृत्यु !

मणीपुर में पिछले २ महिनों से हिन्दुओं के विरुद्ध चल रही हिंसा रोकने में सफलता न मिलने की स्थिति हिन्दू राष्ट्र की स्थापना अनिवार्य बना देती है !

खांडवा (मध्यप्रदेश) के कॉन्वेंट विद्यालय में बकरीद के दिन विद्यार्थियों से नमाजपठन करवाया !

त्योहार मनाना अलग और बच्चों से नमाजपठन करवाना अलग बात है । मुसलमान विद्यार्थियों द्वारा गीतापठन करवाया होता, तो क्या हुआ होता’, इसका विचार विद्यालय के व्यवस्थापन मंडल काे करना चाहिए !