हिजाब परिधान किए छात्राओं को परीक्षा की अनुमति देनेवाले ७ शिक्षकों का निलम्बन !

अब इस कारवाई के विरुद्ध छाती पीटनेवाले, धर्मांध छात्राओं के शैक्षणिक संस्थाओं में हिजाब न पहनने के उच्च न्यायालय के आदेश का उलंघन करने के प्रकरण में, एक शब्द भी बोलेंगे नहीं, यह ध्यान रखे !

तमिलनाडू सरकार द्वारा वानियार समाज को दिया हुआ आरक्षण सर्वाेच्च न्यायालय ने किया अमान्य !

संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने केवल १० वर्षाें के लिए आरक्षण की सूचना दी थी । तब भी अब तक आरक्षण क्यों दिया जा रहा है, सर्वदलीय शासनकर्ता इसका उत्तर दें !

रशिया-यूक्रेन के युद्ध पर बोलनेवाले कश्मीर में हिन्दुओं पर हुए अत्याचारों पर क्यों नहीं बोलते ? – प्रा. रेणुका धर बजाज, देहली विश्वविद्यालय

३२ वर्ष पूर्व भारत के एक राज्य में हिन्दुओं के साथ क्या हुआ ?, यह भारतीयों को अभी तक यह ज्ञात नहीं हैै । वास्तव में, भारत के हिन्दुओं ने कश्मीरी हिन्दुओं के लिए कुछ नहीं किया; इसलिए अब तो हिन्दुओं को जागृत होकर कश्मीरी हिन्दुओं को न्याय दिलाना चाहिए ।

हिजाब संबंधी निर्णय के समय कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा रखे गए विविध पहलू एवं निर्णय के विषय में धर्मांध नेताओं द्वारा व्यक्त प्रतिक्रियाएं !

कश्मीर की ‘पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी)’ की प्रमुख तथा पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट करके कहा है कि हिजाबबंदी जारी रखने का कर्नाटक उच्च न्यायालय का निर्णय अत्यंत निराशाजनक है । यह केवल धर्म का नहीं; अपितु चुनाव की स्वतंत्रता का विषय है ।

यदि मंदिर में आने वाले अति महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों के आने के कारण भक्तों को कष्ट होता है, तो भगवान उन्हें क्षमा नहीं करेंगे ! – मद्रास उच्च न्यायालय

यह तथ्य न्यायालय को क्यों बताना पड रहा है ? इसे अति महत्त्वपूर्ण व्यक्ति एवं मंदिर प्रशासन स्वयं क्यों नहीं समझते ?

हिजाबप्रतिरोध पर कर्नाटक उच्च न्यायालय सहमत !

मुख्य न्यायाधिश रितुराज अवस्थी जी ने निर्णय देते हुए कहा कि, “यह निर्णय दो बातों पर लिया है । प्रथम, हिजाब पहनना, यह संविधान की धारा २५ अन्तर्गत धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की क्ष्रेत्र में आता है क्या ? और दूसरी यह कि, विद्यालयों का पोशाक अनिवार्य करना, यह उस अधिकार के विरोध में है क्या ?”

बांग्लादेश के चिकित्सकीय महाविद्यालय में सभी धर्माें की छात्राओं को हिजाब पहनना अनिवार्य !

यह फतवा तो बांग्लादेश के सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन होने का हिन्दू संगठनों का दावा भारत सरकार को इस प्रकरण में हस्तक्षेप कर बांग्लादेश को इस निर्णय को बदलने पर बाध्य बनाना चाहिए, यही हिन्दुओं को लगता है ! – संपादक कर्नाटक के हिजाबविरोधी आंदोलन से भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन … Read more

असम सरकार का मदरसों में दी जानेवाली शिक्षा बंद करने का साहसिक निर्णय !

१. असम सरकार द्वारा मदरसों में दी जानेवाली धार्मिक शिक्षा के स्थान पर वहां विद्यालयों के विषयों को सिखाने का कानून बनाया जाना      ‘पिछले कुछ वर्षों से असम में हिन्दू एवं राष्ट्र प्रेमी सरकार सत्ता में है । वहां के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने राष्ट्र की एकता … Read more

मथुरा स्थित ईदगाह मस्जिद को ‘श्रीकृष्णजन्मभूमि’ घोषित करने की मांग करने वाली याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय पुन: सुनवाई करेगा !

वर्ष २०२१ में न्यायालय ने याचिका नकार दी थी !

गत २५ वर्षों से पाकिस्तान के कारागृह में बंद, भारत के सैन्य अधिकारी के पुत्र की मुक्ति के लिए, वयोवृद्ध मां ने उच्चतम न्यायालय से की याचना !

यह एक अक्षम्य अपराध होगा, यदि भारत सरकार ने गत २५ वर्षों से पाकिस्तान में बंदी बनाए गए भारतीय सेना के एक अधिकारी को मुक्त कराने का कोई प्रयास नहीं किया ।