कनाडा में श्रीराम मंदिर की तोडफोड
कनाडा में खालिस्तानियों का बोलबाला होकर उन्हें वहां की सरकार से संरक्षण प्राप्त है । इस ओर भारत सरकार ने विशेष ध्यान देकर ऐसी घटना रोकने के लिए और खालिस्तानियों पर लगाम कसने के लिए विश्व स्तर पर प्रयास करना होगा !
कनाडा में खालिस्तानियों का बोलबाला होकर उन्हें वहां की सरकार से संरक्षण प्राप्त है । इस ओर भारत सरकार ने विशेष ध्यान देकर ऐसी घटना रोकने के लिए और खालिस्तानियों पर लगाम कसने के लिए विश्व स्तर पर प्रयास करना होगा !
इस्लाम की त्रुटियां वैचारिक स्तर पर आगे आने पर आज पूरे विश्व से इस्लाम का विरोध हो रहा है । जिस प्रकार कूटनीति का उपयोग कर खालिस्तानी आंदोलन कठोरता से तोड डालना चाहिए, साथ ही यहां के सिखों का भी वैचारिक प्रबोधन किया जाना चाहिए !
पंजाब में खालिस्तानियों की हलचल दिनोंदिन बढती जा रही है । कल को इस कारण बडी हानि होने के पहले ही केंद्र सरकार ने कठोर कदम उठाकर उसे मसलना आवश्यक है !
२९ जनवरी को खालिस्तानियों द्वारा भारतीयों पर किये गये आक्रमण के संबंध में ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री क्लेयर ओ’नील को एक निवेदन दिया गया ।
कनाडा में खालिस्तानियों की अभी तक की कार्यवाहियों को देखते हुए उनकी ओर से ही इस आक्रमण को नकार नहीं सकते ! कनाडा सरकार का भी उन्हें गुप्त समर्थन होने से यह घटना न रुकने की संभावना होने से भारत सरकार को ही अब इस संबंध में विशेष प्रयास करना आवश्यक है !
सिक्खों का पैसा उन्हीं के लिए खर्च किया जाए ! – कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हरविंदर सिंह सरना
जिहादी आतंकवाद के साथ अब खालिस्तानी आतंकवाद बढ रहा है । इसकी ओर सरकार को गंभीरतापूर्वक देखकर उसकी जडें दृढ होने से पूर्व ही उन्हें नष्ट करना आवश्यक है !
अमेरिका के एक न्यायालय ने अमेरिका के ‘मरीन’ (नौसेना जैसे कार्य करने वाले ) सेना में भर्ती होने वाले सिक्खों को दाढी रखने एवं पगडी पहनने की अनुमति दी है ।
‘‘भारत वीर एवं बलिदानियों की भूमि है । यहां धर्म की रक्षा के लिए सिख गुरुओं ने बलिदान दिया । राजस्थान में राजपूत स्त्रियों ने जोहार कर स्वयं को अग्नि में झोंक दिया । छत्रपति संभाजी महाराज ने ४० दिन तक औरंगजेब के अत्याचार सहन किए; पर धर्म-परिवर्तन नहीं किया ।
ब्रिटेन, कैनडा तथा अमेरिका देशों के पश्चात अब यदि आस्ट्रेलिया में खालिस्तानी कार्यवाहियां बढती हैं, तो यह भारत के लिए निश्चित रूप से संकटदायी है !