पंजाब के घर-घर में विस्फोटक बनाए जा रहे हैं और इसके विस्फोट में मुख्यमंत्री मान और गृह मंत्री अमित शाह की राजनीतिक हत्या कर दी जाएगी !
खालिस्तानियों के राष्ट्र विरोधी आंदोलन को कुचलने का समय आ गया है, सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए !
खालिस्तानियों के राष्ट्र विरोधी आंदोलन को कुचलने का समय आ गया है, सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए !
खलिस्तानवादी वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख अमृतपाल सिंह के माध्यम से पंजाब में हिंसाचार फैलाने का षडयंत्र अन्य खालिस्तानवादी संगठनों ने रची है, यह जानकारी गुप्तचर संस्थाओं ने दी है । इस विषय में राज्य और केंद्र सरकार को सतर्क रहने का आदेश दिया गया है ।
ब्रिटेन को न केवल आतंकवादी संगठनों से धोखा है, बल्कि उन लोगों से भी है जो वास्तविक हिंसक कृत्यों में लिप्त नहीं होते किन्तु अन्य लोगों को आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने के लिए प्रेरित करते हैं, एक ब्रिटिश सरकार समिति ने यह निष्कर्ष निकाला है ।
भारत के विदेशमंत्री डॉ. एस्. जयशंकर आजकल ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर हैं । उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एल्बनीज से भेंट की, साथ ही ऑस्ट्रेलिया के विदेशमंत्री पेनी वाँग से भी भेंट कर उनके साथ बातचीत की ।
इस विषय पर खालिस्तानवादी मौन क्यों ? पाकिस्तान की सहायता से भारत में खालिस्तानी कार्यवाहियां करने वाले खालिस्तानवादियों को धर्मांध मुसलमान अधिक समीप के लगते हैं क्या ?
स्वतंत्र पाकिस्तान बनने के उपरांत आज उनकी क्या स्थिति बन गई है, इसे पाकिस्तान से सहायता लेकर खालिस्तान की मांग करनेवालों को ध्यान में रखना होगा !
इससे यही दिखाई देता है कि, ‘पंजाब में खालिस्तानी समर्थकों की सक्रीयता कैसे बढ रही है ?’ तो भी राज्य तथा केंद्र सरकार इसके प्रति गंभीर हैै ऐसा नहीं लगता, ऐसा चित्र है । अब यहां प्रश्न निर्माण होता है कि, ‘पिछला इतिहास देखते हुए कोई बडी घटना होने के उपरांत ही सरकार जागेगी क्या ?’
चूंकि भारत सरकार ने समय रहते कनाडा, अमेरिका तथा ब्रिटेन जैसे देशों में खालिस्तानियों को नहीं रोका, इसलिए अब ऑस्ट्रेलिया में भी वे हिन्दुद्वेषी कृत्य करने का दुःसाहस करने लगे हैं । अब भारत को सर्वत्र के हिन्दुओं की रक्षा के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक !
कनाडा में खालिस्तानियों का बोलबाला होकर उन्हें वहां की सरकार से संरक्षण प्राप्त है । इस ओर भारत सरकार ने विशेष ध्यान देकर ऐसी घटना रोकने के लिए और खालिस्तानियों पर लगाम कसने के लिए विश्व स्तर पर प्रयास करना होगा !
इस्लाम की त्रुटियां वैचारिक स्तर पर आगे आने पर आज पूरे विश्व से इस्लाम का विरोध हो रहा है । जिस प्रकार कूटनीति का उपयोग कर खालिस्तानी आंदोलन कठोरता से तोड डालना चाहिए, साथ ही यहां के सिखों का भी वैचारिक प्रबोधन किया जाना चाहिए !