Satyaki Savarkar : प्रतिवादी की प्रतिपृच्छा में स्वतंत्रता सेनानी सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर ने सधे हुए उत्तर देकर राहुल गांधी के अधिवक्ताओऺ के कुत्सित मनोरथ उड़ा दिए !

स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के संबंध में निराधार आरोप एवं आपत्तिजनक वक्तव्य देने के प्रकरण में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के विरुद्ध चल रहे मानहानि के परिवाद की सुनवाई पुणे की विशेष न्यायपीठ में चल रही है ।

Congress MP Imran Masood : (और इनकी सुनिए …) ‘भगतसिंह एवं हमास एक जैसे ही हैं !’

भगतसिंह के नाम का उपयोग हमास के लिए करनेवाले मसूद देशद्रोही ही हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है ! मसूद जैसे नेताओं का सांसद बनकर भारत की संसद में जाना भारतीयों के लिए लज्जाप्रद !

एक असफल क्रांति !

अक्टूबर १९१७ में रूस में क्रांति हुई । पूरे विश्व में साम्यवादी क्रांति के विचारों की हवा बहने लगी । पीटर फ्राइर ब्रिटिश मार्क्सवादी लेखक था । उसने अपने लेख से तथाकथित क्रांति का बहुत अच्छा विश्लेषण किया ।

क्रांतिकाऱी भगतसिंह के दंड के प्रकरण की पुन: सुनवाई करने के लिए लाहौर उच्च न्ययालय का नकार

वर्ष २०१३ में लाहौर उच्च न्यायालय में याचिका प्रविष्ट की गई थी जिसमें क्रांतिकारी भगतसिंह को वर्ष १९३१ में दी फांसी के दंड के प्रकरण पर पुन: सुनवाई की मांग के साथ ही भगतसिंह को मरणोत्तर राष्ट्रीय पुरस्कार देने की मांग भी की गई थी ।

‘राष्ट्रध्वज का सम्मान हो’ इस विषय पर पाठशाला में विद्यार्थियों का प्रबोधन

इसका लाभ ९०० बच्चों और २८ शिक्षकों ने लिया । इस अवसर पर क्रांतिकारियों की और धर्मशिक्षा प्रदान करनेवाले फ्लेक्स की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका लाभ पाठशाला के विद्यार्थियों व शिक्षकों ने लिया ।

चंद्रशेखर आजाद और लोकमान्य तिलक की जयंती पर उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ में कार्यक्रम संपन्न !

ओज के सशक्त हस्ताक्षर और कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन करने वाले युवा कवि श्री हर्ष बहादुर सिंह हर्ष ने ” शत्रुओं के वक्ष पे तिरंगे गाड देने हैं ” नामक जोरदार कविता से लोगों को देशप्रेम की भावना से भर दिया ।

बिलासपुर (छत्तीसगढ) में अवयस्क लडके द्वारा सुभाषचंद्र बोस के पुतले का अपमान !

सभी पार्टियों के शासनकर्ताओं द्वारा जनता को राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रपुरुषों के विषय में आदर न सिखाने का यह परिणाम है !

धर्म के लिए बलिदान देनेवालों का इतिहास घर-घर में सिखाएं ! – रमेश शिंदे, हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता

‘‘भारत वीर एवं बलिदानियों की भूमि है । यहां धर्म की रक्षा के लिए सिख गुरुओं ने बलिदान दिया । राजस्थान में राजपूत स्त्रियों ने जोहार कर स्वयं को अग्नि में झोंक दिया । छत्रपति संभाजी महाराज ने ४० दिन तक औरंगजेब के अत्याचार सहन किए; पर धर्म-परिवर्तन नहीं किया ।

भारतीय मुद्रा पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस का छायाचित्र प्रकाशित करें !

वास्तव में ऐसी मांग करने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए ! सरकार को स्वयं आगे आकर इस विषय में कृति करना आवश्यक है !

क्रांतिकारियों के स्मारक के अनावरण के समय राहुल गांधी अनुपस्थित !

गांधी और नेहरू परिवार ने हमेशा ही क्रांतिकारियों का अपमान किया है । इस कारण राहुल गांधी का इस कार्यक्रम के लिए अनुपस्थित रहना, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं ! कांग्रेस को क्षमा मांगने की अपेक्षा प्रायश्चित के रुप में क्रांतिकारियों का सम्मान करने का प्रयास करना चाहिए !