शवविच्छेदन (पोस्टमॉर्टम)में युवती पर बलात्कार न होने की बात उजागर !

शवविच्छेदन में उस पर बलात्कार न होने की बात उजागर हुई है । अंत में निर्वस्त्र स्थिति में पाए जाने के कारण इस संदर्भ में युवती के संबंधियों ने बलात्कार का संदेह व्यक्त किया था ।

नारायणपुर (छत्तीसगढ) में धर्मांतरण के विरोध में बंद के समय आदिवासियों द्वारा चर्च में तोडफोड !

‘देश में धर्मांतरण विरोधी कानून न होने से अब जनता ही धर्मांतरण का विरोध करने के लिए कानून हाथ में ले रही है’, ऐसा कहना में गलत क्या ? इस ओर सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है !

देलही में एक चौपहिया वाहन ने एक युवती को टक्कर मारी एवं भागते हुए १२किमी तक घसीटता ले गया, जिसके फलस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई ।

कांझावाला परिसर में ३१ दिसंबर की रात्रि एक चौपहिया वाहन ने दोपहिया वाहन को टक्कर मारी, जिससे उसकी चालक युवती वाहन से नीचे आ गिरी एवं चौपहिया वाहन में फंस कर १२ किमी तक घसीटती चली गई।

वर्ष २०२२ में कश्मीर में १७२ आतंकवादी मारे गए !

यद्यपि कश्मीर में प्रतिवर्ष १०० से अधिक आतंकवादी मारे जाते हैं, तब भी पाकिस्तान में उनकी निर्मिति चलती ही रहती है । इसलिए कश्मीर में आतंकवाद नष्ट नहीं होता । अत: उसे जड से नष्ट करने हेतु पाकिस्तान को नष्ट करना आवश्यक है !

झारखंड पुलिस की सहायता से होती है बांग्लादेश में गोवंश की तस्करी ! – भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का आरोप

इस ओर केंद्र सरकार को गंभीरता से देखते हुए तस्करी रोकनी चाहिए, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है !

कोच्चि (केरल) में हुए ‘कार्निवाल’ में प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे जैसी मूर्ति बनाई गई !

कम्युनिस्टों के राज्य में ऐसा हो तो आश्चर्य क्या ? प्रधानमंत्री के चेहरे की मूर्ति बनाना मोदी द्वेषमूलक !

राहुल गांधी ने वर्ष २०२० से ११३ बार किया सुरक्षा नियमों का उल्लंघन !

इस प्रकार नियमों का उल्लंघन करने के उपरांत अनुचित घटना होती है, तो इसके लिए कौन उत्तरदायी होगा, यह कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए !

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का बिहार में पीछा करनेवाली चीनी महिला गुप्तचर की हो रही है खोज

तिब्बत में बौद्धों के धर्मगुरु दलाई लामा बिहार दौरे पर हैं । इस दौरे के समय चीनी महिला जासूस उनके पीछे हैं, ऐसी जानकारी जांच एजेंसियों को मिली है । अब इस महिला की खोज की जा रही है ।

बाडमेर (राजस्थान) में दलित महिला पर बलात्कार कर उसे आत्महत्या के लिए बाध्य (मजबूर) करनेवाले गफ्फार खान को पुलिस ने बंदी बनाया

‘दलित-मुसलमान भाई भाई’ कहने वाले अब कहां हैं ?

उत्तर प्रदेश में पुलिस अधिकारी को बंदूक में गोली कहां से डालते हैं, यह भी ज्ञात नही !

ऐसे अधिकारी पुलिस दल में भर्ती कैसे हुए ? ‘ऐसोें को प्रशिक्षण देते समय वे क्या कर रहे थे ?’, इसकी जांच करने की आवश्यकता है ! ऐसी पुलिस जनता की रक्षा कभी कर सकेगी क्या ?