मणिपुर में भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या

मणिपुर के थौबल जिले में २४ जनवरी के दिन सुबह भाजपा राज्य युनिट के पूर्व सैनिक सेल के संयोजक लैशराम रामेश्वर सिंह की क्षेत्री भाग स्थित उनके निवास स्थान के प्रवेश द्वार के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई । इसके उपरांत मुख्य आरोपी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया ।

कौशांबी (उत्तर प्रदेश) में येशू दरबार के नाम पर हिन्दुओं का धर्मपरिवर्तन

जो हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों को ध्यान में आता है, वह पुलिस तथा प्रशासन के ध्यान में क्यों नहीं आता ?

राजस्थान के रिश्वत प्रकरण में बंदी बनाई गई महिला पुलिस अधीक्षक के ठिकानों पर छापे !

भारत का भ्रष्टाचार जड से नष्ट करने के लिए ईमानदार शासनकर्ता चाहिए !

नौशाद और जग्गा के आतंकवादी संगठनों से संबंध ! – देहली पुलिस

देहली के जहांगीरपुरी प्रकरण में बंदी बनाए गए आतंकवादी नौशाद एवं जगजीत उपाख्य जग्गा के कुछ आतंकवादी संगठनों एवं गुंडों से संबंध होने का खुलासा देहली पुलिस ने किया है ।

बक्सर (बिहार) में थर्मल पॉवर प्लांट का विरोध करने वाले ग्रामीणों को पुलिस ने पीटा !

लोकतांत्रिक मार्ग से विरोध करने वाली जनता को पीटने पर यदि जनता गुस्से में आती है, तो इसे गलत कैसे कहेंगे ? जनता को पीटने वाली पुलिस पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए !

१२० महिलाओं का बलात्कार करने वाले जिलेबी बाबा को १४ वर्ष का कारावास !

ऐसों को फांसी का ही दंड होने का कानून होने की आवश्यकता है, ऐसा ही जनता को लगता है !

चोर अनीस को पकडने पर उसके द्वारा चाकू से किए आक्रमण में देहली पुलिस की मृत्यु !

इस घटना के विषय में अब निरपेक्षतावादी मुंह नहीं खोलेंगे ! पुलिस कर्मियों पर भी आक्रमण करने में धर्मांध नहीं हिचकिचाते तथा वे सदा अपने पास धातक शस्त्र रखते ही हैं, यह ध्यान में लें !

पंजाब में गुंडों की गोलीबारी में पुलिस हवलदार मारा गया

पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के दिन से वहां कानून और सुरक्षा व्यवस्था तार-तार होने से गुंडों की कार्यवाहियां बढी हैं, यही इससे पुन: स्पष्ट हुआ !

वीजा समाप्त होने के उपरांत भी अफ्रीकी लोगों को बंदी बनाए जाने पर अफ्रीकी भीड की ओर से देहली पुलिस पर आक्रमण

पुलिस पर आक्रमण करने का साहस करने वाले सभी अफ्रीकियों को देश से बाहर भगा देना चाहिए ! भारत को धर्मशाला समझने के कारण ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं, यह सरकारी तंत्र के लिए लज्जास्पद है !

देश में बीते ५ वर्षों में ‘लव जिहाद’ के ४००प्रकरण (मामले) !

पुलिस थाने में परिवाद प्रविष्ट होने के कारण ये आंकडे मिले हैं, किंतु जो प्रकरण पुलिस थाना तक नहीं पहुंच पाते हैं, उनकी संख्या इससे भी अधिक होने की संभावना है ।