|

लक्ष्मणपुरी (उत्तर प्रदेश) – भारत और पाकिस्तान के विभाजन के लिए मुहम्मद अली जिन्ना नहीं, बल्कि हिन्दू महासभा उत्तरदायी थी । समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने ऐसा अस्वीकार्य वक्तव्य दिया है कि, जो लोग हिन्दू राष्ट्र की मांग करते हैं वे देश के शत्रु हैं । उन्होंने उत्तर प्रदेश के बांदा में सामाजिक माध्यम से वार्ता करते हुए उपरोक्त वक्तव्य दिया ।
‘People demanding for a Hindu Rashtra are the enemies of the Nation’ – yet another derogatory statement by Samajwadi Party leader Prasad Mourya.
(Says..) It was not Muhammad Ali Jinnah, but the Hindu Mahasabha that partitioned India.
👉 The ones righteously standing for Hindu… pic.twitter.com/HmWdPkMonW
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) October 16, 2023
१. मौर्य ने आगे कहा कि भारत का संविधान कहता है कि धर्म, जाति, लिंग और जन्म स्थान के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है । यदि कोई ‘हिन्दू राष्ट्र’ की मांग कर रहा है तो क्या अन्य लोग भी यही मांग नहीं करेंगे ? इससे पहले हिन्दू महासभा ने हिन्दू राष्ट्र की मांग की थी, इसलिए भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ । (भारत की दुर्दशा जिन्ना और गांधी के कारण हुई। जो लोग इस तथ्य को नकारते हैं वे इतिहासद्रोही हैं! – संपादक)
२. इससे पहले भी मौर्य हिन्दू विरोधी वक्तव्य दे चुके हैं । अगस्त २०२३ में मौर्य ने कहा था कि हिन्दू धर्म कोई धर्म नहीं है, ये केवल एक धोखा है । ब्राह्मणवाद की जड़ें बहुत गहरी हैं । समाज में असमानता का कारण ब्राह्मणवाद है ।
संपादकीय भूमिका
|
Bhangar Blast : बंगाल के भांगर बम विस्फोट की घटना में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को बंदी बनाया ।
Andaman Natural Gas : अंडमान ‘शैलो ऑफशोर ब्लॉक’ में मिला प्राकृतिक गैस का दूसरा विशाल भंडार
Mumbai Hub Of Bangladeshi Infiltrators : मुंबई बन गया है बांग्लादेशी घुसपैठियों का केंद्र – १ सहस्र ५०० से अधिक स्थानों पर घुसपैठियों के अड्डे
नेरूळ (नई मुंबई) के चिकित्सालय के छात्रावास में स्थित हिन्दुओं की मूर्तियां धर्मांध ईसाई युवती ने फेंक दीं
CJI In London: लंदन में भारत के मुख्य न्यायाधीश के कार्यक्रम में हलचल : भारतीय उच्चायोग अत्यंत अप्रसन्न
पंढरपूर स्थित श्री विठ्ठल मूर्ति पर रासायनिक लेपन करने का वारकरी संप्रदाय द्वारा तीव्र विरोध : रासायनिक लेपन के कारण मूर्ति की क्षति !