
वाराणसी (उत्तर प्रदेश) – ‘काशी हिन्दू विश्वविद्यालय’ की मनोविज्ञान शाखा की प्राध्यापिका डॉ. पूर्णिमा सक्सेना और विश्व के अलग-अलग महाद्वीपों में प्रबंध शास्त्र और नेतृत्व कुशलता सिखानेवाले और वाराणसी के ‘स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज’ के प्राध्यापक डॉ. संजय सक्सेना सनातन के वाराणसी आश्रम में आए । इस समय श्री. गुरुराज प्रभु ने उन्हें आश्रम दिखाया । सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी द्वारा संकलित सनातन की ग्रंथ संपदा को देखकर डॉ. संजय ने कहा कि ‘‘जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं बचा, जिसे सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने स्पर्श न किया हो ।’’
डॉ. संजय ने ‘पुनर्जन्म’ नामक एक पुस्तक लिखी है । उनका मानना है कि इस जन्म में गलतियां करके अगला जन्म क्यों लेना ? इसी जन्म में एक पुनर्जन्म लेकर अपने जीवन को आदर्श क्यों न बनाया जाए ? डॉ. पूर्णिमा ने कहा ‘‘अध्यात्म से बढकर इस दुनिया में कुछ भी नहीं है । हर प्रकार का समाधान केवल अध्यात्म में है ।’’ मनुष्य जन्म का खरा उद्देश्य और उन्हें सदगुरु नीलेशजी का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ ।
गुणवत्ता एवं अन्नसुरक्षा के विषय में ‘गोकुल’ संघ की ओर से कभी भी समझौता नहीं किया गया है ।
Bengaluru SIR : कर्नाटक में विशेष पुनरावलोकन प्रक्रिया में उजागर हुआ कि बेंगलुरु में ९७ लाख मतदाताओं में से ४ लाख अवैध
TMC Cut Money : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता उत्कोच (रिश्वत) के रुपये लोगों को कर रहे हैं वापस !
Delhi Hotel Fire : दिल्ली के होटल में लगी भीषण आग में २१ लोगों की मृत्यु
सर्वोच्च न्यायालय में ५ नए न्यायाधीश, अब एक पद रिक्त !
Hanif Sheikh Arrested : संदिग्ध निदा खान को आश्रय देनेवाले घर के मालिक हनीफ शेख को बंदी बनाया गया ।