‘गुरुकार्य के लिए त्याग कैसे करना चाहिए ?’, सभी साधकों के सामने इसका आदर्श रखनेवाले वाराणसी आश्रम के आदर्श साधक दंपति : श्री. गुरुराज प्रभु एवं श्रीमती श्रेया प्रभु !

मां का निधन होने पर घर (गोवा) न जाकर प्रयागराज के महाकुंभपर्व की सेवा को प्राथमिकता देना

ईश्वर का कार्य उनके संकल्प से ही होता है, इसकी प्रतीति करानेवाला महोत्सव !

१३ से १५ दिसंबर की अवधि में दिल्ली में सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव एवं राष्ट्र-धर्म जागृति से संबंधित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था । इस महोत्सव के विषय में हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी को प्रतीत हुए सूत्र यहां दिए हैं ।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी को दिल्ली स्थित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का निमंत्रण !

हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों को निचले तबके तक जाकर धर्म का प्रसार करना आवश्यक !

लक्ष्मणपुरी में ‘हिन्दू राष्ट्र’ के विषय में बैठक संपन्न !

संविधान में प्रयुक्त ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द असंवैधानिक है । इसे हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद ३६८ का उपयोग करना होगा, साथ ही इस शब्द को हटाने के लिए वैचारिक संघर्ष भी करना पडेगा, ऐसा मार्गदर्शन हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने किया ।

विविध राज्यों में संतों एवं मान्यवरों को दिल्ली में आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का निमंत्रण !

सनातन राष्ट्र का पुनर्वैभव प्राप्त करना, उसके लिए सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण करना तथा उसे बनाए रखना, साथ ही राष्ट्र की सुरक्षा आदि विविध विषयों पर चर्चा द्वारा मार्गदर्शन करने के लिए दिल्ली के ‘भारत मंडपम्’ में सनातन संस्था की ओर से १३ तथा १४ दिसंबर को ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ आयोजित किया गया है ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव का समापन सत्र : सनातन राष्ट्र संकल्पसभा

चरित्रवान लोग ही धर्मयुद्ध कर सकते हैं । जिनके पास चरित्र नहीं है, वे युद्ध नहीं जीत सकते । भारत के पास चरित्र होने के कारण पाकिस्तान के विरुद्ध के अनेक छोटे-बडे युद्धों में भारत को सफलता मिली । चरित्रनिर्माण सरल नहीं है तथा चरित्र का शिक्षा से कोई भी संबंध नहीं है ।

गंगामाता की रक्षा के लिए निःस्वार्थ भाव से कार्य करनेवाले प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित !

गंगा नदी का प्रदूषण रोकना, गंगाजी के तट पर औद्योगिक प्रदूषणकारी परियोजनाओं पर प्रतिबंध लगाना तथा गंगाजल पर शोध करना, इसके लिए उन्होंने विगत २० वर्षों से निष्काम कर्मयोगी की भांति कार्य किया है ।

वाराणसी के ‘अशोका स्कूल ऑफ बिजनेस’ इंस्टीट्यूट में विद्यार्थियों के लिए ‘तनाव मुक्ति के लिए अध्यात्म’ विषय पर प्रवचन

उत्तर प्रदेश में ‘तनाव मुक्ति हेतु अध्यात्म’ विषय पर प्रवचन

हिन्दू जनजागृति समिति एवं सनातन संस्था की ओर से देहली, उत्तर प्रदेश एवं पूर्व-पूर्वोत्तर भारत में भावपूर्ण वातावरण में ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ संपन्न !

गुरुपूर्णिमा महोत्सव मेंं सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा, ‘‘महाभारत के समय भगवान श्रीकृष्ण ने बताया कि अधर्म के विरुद्ध संघर्ष करना ही धर्म है । गुरुतत्त्व को यही अपेक्षित है कि हिन्दू साधना कर आत्मिक बल बढाएं और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाएं ।

महाकुंभ पर्व में हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ.चारुदत्त पिंगळेजी तथा धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी द्वारा संत-महतों से भेंट !

अखिल भारतीय अखाडा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराजजी से भेंट करने पर उन्होंने कहा, ‘‘प्रयागराज का भव्य महाकुम्भ, अयोध्या का श्रीराम मंदिर, वाराणसी का श्री काशी विश्वेश्वर मंदिर तथा उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर देखकर लगता है कि ये सब परिवर्तन ‘हिन्दू राष्ट्र’ के ही संकेत दे रहे हैं । “