‘गुरुकार्य के लिए त्याग कैसे करना चाहिए ?’, सभी साधकों के सामने इसका आदर्श रखनेवाले वाराणसी आश्रम के आदर्श साधक दंपति : श्री. गुरुराज प्रभु एवं श्रीमती श्रेया प्रभु !
मां का निधन होने पर घर (गोवा) न जाकर प्रयागराज के महाकुंभपर्व की सेवा को प्राथमिकता देना