विश्व को भारत की सुनने की इच्छा  ! – परराष्ट्रमंत्री डॉ. एस्. जयशंकर

राहुल गांधी की कथा देश में नहीं चलतीं, इसलिए वे परदेश जाते हैं, ऐसी टिप्पणी !

सेना के लिए चीन द्वारा अक्साई चीन मेें रास्ते, हेलिपोर्ट आदि का निर्माण कार्य

चीन आज नहीं तो कल भारतपर आक्रमण करने का प्रयत्न करेगा, इसमें कोई शंका नहीं । इसलिए  भारत को अधिक सतर्क रहकर ‘जैसे को तैसा’ उत्तर देने की तैयारी करने की आवश्यकता है  !

मैं विदेश में राजनीति नही करता ! – विदेश मंत्री एस. जयशंकर

मैं विदेश में राजनीति नहीं करता और आगे भी नहीं करूंगा, ऐसा उत्तर विदेश मंत्री मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने यहां एक युवक के प्रश्न करने पर दिया । इस युवक ने राहुल गांधी का नाम न लेते हुए प्रश्न किया था, ‘अमेरिका में कुछ लोग भारत के विरुद्ध बयानबाजी कर रहे हैं ।

भारत के प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षा इमरान खान पाकिस्तान के लिए अधिक खतरनाक ! – पाकिस्तान के रक्षामंत्री 

आसिफ ने कहा, “इमरान खान, यह सबसे बडे बदमाश हैं । वह अपने देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं और ९ मई यह इसका सबसे बडा साक्ष्य है ।” ९ मई के दिन इमरान खान को बंदी बनाए जाने के उपरांत पाकिस्तान में बडी हिंसा हुई थी ।

भारत का इस्लाम सबसे अधिक सुरक्षित ! – प. पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत

‘इस्लाम खतरे में है’, ऐसी बांग देने वाले धर्मांध मुसलमान नेता, उसी प्रकार ‘भारत में मुसलमान असुरक्षित जीवन जी रहे हैं, ऐसी आवाज उठाने वाले लोगों को इस पर उत्तर पूछना चाहिए !

नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड भारतयात्रा पर !

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड भारत के दौरे पर आकर प्रधानमंत्री मोदी से मिले हैं ।

पूर्वोत्तर भारत में प्रधान मंत्री के हाथों प्रथम ‘वंदे भारत’ रेलगाडी का उद्घाटन !

इस रेलगाडी का मार्ग गुवाहाटी से न्यू जालपाईगुडी (बंगाल) है । ४११ कि.मी. की दूरी पार करने में केवल ५ घंटे लगेंगे । यह देश की ९ वीं ‘वंदे भारत’ एक्सप्रेस है ।

इस्रो के दिशादर्शक उपग्रह का सफल प्रक्षेपण

भारत ने २९ मई को ‘एनवीएस-०१’ यह दिशादर्शक उपग्रह प्रक्षेपित किया। यहां कैप्टन सतीश धवन प्रक्षेपण केंद्र से इस्रो ने जी.एस्.एल्.वी. (जिओसिंक्रोनस लाँच वेईकल) एफ् १२ प्रक्षेपक द्वारा यह उपग्रह अंतराल में प्रक्षेपित किया ।

अमेरिका लाखों भारतीय वंश का युवाओं को देश से निकाल सकता है !

अमेरिका में ढाई लाख ‘डॉक्युमेंटेड ड्रीमर्स’का भविष्य संकट में पड गया है । उन्हें अमेरिका से निकाल दिया जा सकता है । इन ‘डॉक्युमेंटेड ड्रीमर्स’में अधिकांश बच्चे भारतीय वंश के हैं ।