प्रयागराज के माघमेले में सनातन संस्था द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन

इस वर्ष माघमेले के शिविर में परेड ग्राउण्ड माघ मेला सेक्टर ३ में सनातन संस्था की ओर से ग्रंथोें की प्रदर्शनी लगाई गई है ।

राजस्थान के प्रसिद्ध उद्यमी एवं ‘लघु उद्योग भारती’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ताराचंद गोयल की गोवा स्थित सनातन आश्रम को सदिच्छा भेंट !

श्री. गोयल ने कहा कि संघ हिन्दू-संगठन के लिए कार्यरत है । दूसरी ओर समाज को सात्त्विक अन्न उपलब्ध हो, इसके लिए हम जैविक कृषि हेतु आवश्यक आर्थिक स्तर पर प्रयासरत हैं, किंतु आप देश को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक स्तर पर आगे लेकर जा रहे हैं ।

‘जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU)’ के साम्यवादियों का विद्यार्थी आंदोलन या वैचारिक विभाजन…?

वर्तमान में लोग ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी’, ऐसे नारे सुनकर क्षोभ व्यक्त कर रहे हैं । यह क्षोभ अनुचित नहीं है; परंतु दुर्भाग्यवश वह केवल ऊपरी नारेबाजी तक ही सीमित है ।

दिल्ली में संपन्न हुए ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ से प्रेरणा लेकर धर्मनिष्ठों ने राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में हिन्दू जनजागृति समिति की बैठकों का किया आयोजन !

हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ‍विविध स्थानों पर धर्मशिक्षा के विषय में प्रबोधन l

विभूति एक रहस्य, शक्ति तथा उसका महत्त्व !

शरीर में ऊर्जा के स्रोत को प्रवाहित करने में बाधा आ रही हो, तो विभूति लगाने से शरीर के वे द्वार खुल जाते हैं, जिनसे ऊर्जा के स्रोत प्रवेश करते हैं तथा उससे शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा की आपूर्ति होती है ।

मनुष्य के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं पर ग्रहों का प्रभाव !

ग्रह मनुष्य के व्यक्तित्व के किन पहलुओं को दर्शाते हैं, इस लेख के द्वारा यह समझ लेते हैं ।

बच्चों को उपनाम से (घर के नाम से) पुकारने से क्या होता है ?

अनेक बार हमारे ध्यान में नहीं आता कि अपने नित्य जीवन में हम ऐसे कुछ काम करते हैं, जो अनुचित हैं । अधूरा नाम लेने से उस व्यक्ति का विकास रुक जाता है, जिससे अनिष्ट शक्तियां उसे घेर लेती हैं ।

मन को स्वस्थ, प्रसन्न एवं समर्थ बनाने हेतु मन के व्यायाम करना अर्थात साधना करना आवश्यक !

‘व्यायाम का अर्थ शारीरिक व्यायाम करना’, ऐसा हम मानते हैं । इसके प्रति अधिकांश लोग जागरूक भी होते हैं । शरीर सुदृढ एवं स्वस्थ रहे, इस हेतु हम शारीरिक व्यायाम करते हैं । व्यायाम नियमित तथा विशिष्ट समय पर ही करना पडता है ।

नितंब की मांसपेशियों का महत्त्व एवं व्यायाम !

हमारे शरीर की प्रत्येक मांसपेशी के भिन्न-भिन्न कार्य होते हैं; इसलिए प्रत्येक मांसपेशी का बल बनााए रखना तथा उसे बढाना अति आवश्यक है । शरीर में विद्यमान महत्त्वपूर्ण मांसपेशियों के समूहों में से एक हैं नितंब की मांसपशियां (Gluteal muscles) !

त्रिशूल की उत्पत्ति कैसे हुई ?

‘विष्णुपुराण के अनुसार श्री विश्वकर्मा ने त्रिशूल की निर्मिति की ।’ इससे संबंधित एक पौराणिक कथा है । देवताओं के शिल्पी श्री विश्वकर्मा की पुत्री संजना का विवाह सूर्यदेव के साथ हुआ था; परंतु सूर्यदेव के असीम तेज से संजना को उनके साथ रहना संभव नहीं हो पा रहा था ।