भारत के विकास को नई दिशा प्रदान करनेवाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी !

इससे पहले रक्षा क्षेत्र के लिए हथियार खरीदते समय उसमें भ्रष्टाचार न हुआ हो, ऐसा कभी नहीं हुआ था । ‘बोफोर्स’ उसका एक बडा उदाहरण है । मोदी ने इस इतिहास को परिवर्तित कर दिया । फ्रांस से लडाकू विमान ‘राफेल’ की खरीद में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार अथवा दलाली की घटना नहीं हुई ।

वाराणसी में ‘अखिल भारतीय सनातन न्यास’ द्वारा आयोजित रामकथा में हिन्दू जनजागृति समिति का सहभाग

इस कथा का आरंभ हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी, काशी विश्वनाथ मंदिर वॉर्ड के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय एवं अन्य संतों की ओर से दीप प्रज्वलित किया गया ।

‘आध्यात्मिक मानवतावाद एवं अंतरधर्मीय सुसंवाद’ के प्रवर्तक स्वामी श्री. आनंद कृष्णा का इंडोनेशिया में स्थित सात्त्विक आश्रम तथा उनके साधक !

स्वामी श्री. आनंद कृष्णा सिंधी वंश के हैं तथा इंडोनेशिया उनका जन्मस्थल है । वे इंडोनेशिया के ‘आध्यात्मिक मानवतावाद, साथ ही अंतरधर्मीय सुसंवाद’ के प्रवर्तक हैं । उन्होंने प्रचुर लेखनकार्य भी किया है ।

गुरुपूर्णिमा महोत्सव २०२४ के उपलक्ष्य में निमंत्रण

गुरुपूर्णिमा के दिन १००० गुना सक्रिय रहनेवाले गुरुतत्त्व का लाभ सभी को हो, इस हेतु सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति गुरुपूर्णिमा महोत्सव का आयोजन कर रहे हैं । इस महोत्सव में सम्मिलित होने हेतु गुरुपूर्णिमा स्थल के पते एवं संपर्क क्रमांक आगे देखें ।

यदि कोई आधार कार्ड क्रमांक, ‘ए.टी.एम. का पिन’ अथवा ‘ओ.टी.पी.’ जैसी गोपनीय जानकारी मांगे, तो स्वयं को धोखाधडी से बचाने के लिए उसकी अनदेखी करें !

चल-दूरभाष (मोबाइल) के आधार पर संपर्क कर अथवा लघुसंदेश (एस.एम.एस.) भेजकर नागरिकों को ठगने की मात्रा दिनदहाडे बढती ही जा रही है । तत्कालीन सामाजिक समस्या, नागरिकों की लाचारी, अज्ञानता, भोलापन आदि कारणों से समाज की अनेक दुष्प्रवृत्तियां हमसे धोखाधडी करती है ।

आजकल ‘फेडेक्स कॉलर’ द्वारा किया जानेवाला घोटाला

गत कुछ दिनों से मुझे एक दूरभाष से मेरे चल-दूरभाष पर कॉल आ रहा है । जब मैं चल-दूरभाष पर वह संपर्क लेता हूं, तब ध्वनिमुद्रित किया संदेश आता है कि ‘आपका फेडेक्स पार्सल (फेडेक्स कुरिअर कंपनी) प्रतीक्षा कर रहा है । उसे लेने के लिए दिए गए क्रमांक पर दूरभाष करें !’

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के साधना हेतु क्रियाशील करनेवाले अभ्यासवर्गाें की ग्रंथमाला ! (खंड ३)

प्रस्तुत खंड में परात्पर गुरु डॉक्टरजी की अभ्यासवर्गाें में सिखाने की अलौकिक पद्धति, अभ्यासवर्गाें में आनेवाले जिज्ञासुओं का सत्सेवा हेतु प्रेरित होना इत्यादि के विषय में साधकों द्वारा कृतज्ञभाव से लिखकर दिए अनेक सूत्र समाविष्ट हैं ।

अनेक शारीरिक कष्ट होते हुए भी लगन के साथ हिन्दुत्व का कार्य करनेवाले वाराणसी व्यापार संगठन के अध्यक्ष श्री. अजीत सिंह बग्गा ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त कर जन्म-मृत्यु के चक्र से हुए मुक्त !

श्री. बग्गा कर्मयोगी हैं । समाज की ओर निरपेक्ष भाव से देखना, उनकी भक्ति का उदाहरण है । उनमें अहं अल्प होने के कारण ही वे निरपेक्ष भाव से समाज एवं राष्ट्र हेतु कार्य करते हैं ।

पू. भगवंत कुमार मेनरायजी के पार्थिव शरीर से प्रचुर मात्रा में चैतन्य प्रक्षेपित होना तथा उनके अंतिम दर्शन करनेवाले साधकों को आध्यात्मिक लाभ होना

‘संतों के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक दृष्टि से क्या लाभ होता है ?’, इसके संदर्भ में महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय की ओर से ‘यू.ए.एस. (यूनिवर्सल ऑरा स्कैनर)’ उपकरण तथा लोलक के द्वारा शोध किया गया ।

‘परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के प्रति हमें अंतिम सांस तक कृतज्ञ रहना चाहिए !’ – श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी

‘शब्दों का अस्तित्व जहां समाप्त होता है, वही ‘कृतज्ञता है !’ हम ‘भाव’ को शब्दों में बांध सकते हैं । उसे व्यक्त भी किया जा सकता है; परंतु कृतज्ञता शब्दों के परे है, इसलिए वह भाव से भी उच्च  है