भगवान के सान्निध्य में रहकर न्यायालयीन कार्य करना चाहिए ! – अधिवक्‍ता कृष्‍णमूर्ती पी., जिलाध्यक्ष, विश्‍व हिन्दू परिषद, कोडागु, कर्नाटक

‘मैं वाहन से प्रवास करते समय अथवा न्यायालय में भी नामजप करता हूं । भगवान पर हमारी इतनी श्रद्धा होनी चाहिए कि यदि हम पर कोई संकट आता है तो भगवान को हमारी सहायता करनी चाहिए । हमारे मालिक भगवान हैं । भगवान के भक्त को चिंता करने की आवश्यकता नहीं । 

हिन्दुओं के साधना और क्षात्रतेज त्याग देने से लव जिहाद जैसी घटनाओं में वृद्धि ! – यति मां चेतनानंद सरस्वतीजी, महंत, डासना पीठ, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश

स्वतंत्रताप्राप्ति के पश्चात भारत की कुछ हिन्दू स्त्रियां स्वेच्छा से अधर्मियों के साथ जा रही हैं । फिल्म जगत को इस्लामी देशों से हो रही आर्थिक आपूर्ति के परिणामस्वरूप ‘लव जिहाद’ का बीजारोपण किया जा रहा है ।

वैश्विक हिंदू राष्ट्र सम्मेलन का छठा दिन – सत्र का विषय : न्यायिक कार्य एवं अधिवक्ताओं का संघर्ष

सभी जिहादों में सबसे भयानक ‘भूमि जिहाद’ है, तथा सभी जिहाद इसी जिहाद से संबंधित हैं । इसके अंतर्गत वे मुख्यतः सरकारी भूमि को अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास करते हैं ।

भारतीय ज्ञान पर आधारित पश्चिमी वैज्ञानिक प्रगति ! – डॉ. नीलेश ओक, यूएसए

अमेरिका में इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड साइंसेज में कार्यरत डॉ. नीलेश ओक ने कहा कि ‘‘पश्चिमी लोगों ने भारत के समृद्ध ग्रंथों का अनुवाद करके ही विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति की है ।’’ वे ‘विश्वगुरु भारत की बलस्थान : सनातन हिन्दू धर्म’ विषय पर बोल रहे थे ।

वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव के कुछ क्षणमोती !

भारत हिन्दू राष्ट्र हमारा ।
सभी भारतीय वह एक परिवार  ।।

‘जयतु जयतु हिन्‍दुराष्‍ट्रम्’ के उद्घोष में वैश्विक हिन्दू राष्‍ट्र महोत्‍सव का  प्रारंभ !

‘जयतु जयतु हिन्‍दुराष्‍ट्रम्’ के उत्‍साहवर्धक जयघोष एवं संत-महंतों की वंदनीय उपस्थिति में रामनाथी, फोंडा स्थित श्री रामनाथ देवस्‍थान में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से आयोजित वैश्विक हिन्दू राष्‍ट्र महोत्‍सव का अर्थात ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्‍ट्र अधिवेशन’ का प्रारंभ हुआ ।

वैश्‍विक हिन्दू राष्‍ट्र महोत्‍सव सातवां दिन (३० जून) – उद़्‍बोधन सत्र : हिन्दुत्‍व की रक्षा

भाग्‍यनगर (हैदराबाद) में प्रतिवर्ष गणेशविसर्जन के समय मुसलमान दंगा करवाते थे l एक वर्ष हिन्दुओं ने निर्धार कर उनपर प्रतिप्रहार किया l तबसे वहां के दंगे बंद हो गए l यदि हिन्दुओं ने प्रतिप्रहार करना चालू किया तभी हिन्दू समाज की रक्षा हो सकती है l

धर्मकार्य में योगदान से ही हमारा जीवान सार्थक होगा ! – महामंडलेश्वर नर्मदा शंकरपुरी महाराज, निरंजनी आखाडा, जयपुर, राजस्थान

धर्मकार्य में हमारा योगदान कितना है, यह  चिंतन का विषय है । विश्व की उपेक्षा कर आगे जाना है अथवा फूल की भांति सबको सुगंध देते हुए आगे जाना है, यह हमें निश्चित करना चाहिए ।

अफ्रीका के लोगों को सनातन धर्म का महत्त्व ध्यान में आ गया, तो वहां बडी मात्रा में प्रसार होगा ! – पू. श्रीवास दास वनचारी, इस्कॉन, घाना, अफ्रीका

सनातन धर्म अनादि अनंत है । सनातन धर्म लाखों वर्ष पुराना है । सनातन धर्म, सभी धर्मों का मूल है ।  प्रभुपाद स्वामीजी ने अमेरिका में ‘इस्कॉन’की स्थापना की । इस माध्यम से उन्होंने सनातन धर्म का जगभर प्रसार किया ।

डॉ. दाभोलकर हत्या प्रकरण में न्यायालय से निर्दोष छूटे विक्रम भावे एवं धर्मप्रेमी अधिवक्ताओं का वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव में सम्मान !

साथ ही ‘हिन्दुत्व के कार्य’ की सेवा के रूप में यह अभियोग निःशुल्क लडनेवाले अधिवक्ता प्रकाश सालसिंगीकर, अधिवक्ता घनश्याम उपाध्याय, अधिवक्ता श्रीमती मृणाल व्यवहारे-साखरे एवं अधिवक्ता श्रीमती स्मिता देसाई का भाजपा के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ विधायक टी. राजा सिंह के करकमलों द्वारा वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव में सम्मान किया गया ।