चीन ने भारत के साथ लिपुलेख दर्रे के उपयोग संबंधी समझौता किस आधार पर किया ?
नेपाल को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि चीन ने उसकी बात का समर्थन नहीं किया । इससे स्पष्ट होता है कि चीन ने भी इस क्षेत्र पर नेपाल के दावे को स्वीकार नहीं किया है ।
नेपाल को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि चीन ने उसकी बात का समर्थन नहीं किया । इससे स्पष्ट होता है कि चीन ने भी इस क्षेत्र पर नेपाल के दावे को स्वीकार नहीं किया है ।
दो विश्वासघाती लोग एक साथ आने के उपरांत एक-दूसरे पर विश्वास करेंगे, ऐसी अपेक्षा कोई कर सकता है क्या ? दोनों चाहे कुछ भी कहें, इन पर कोई भी विश्वास नहीं करेगा !
यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है । पिछले कुछ वर्षों में चीन की सेना तथा रक्षा प्रतिष्ठान के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्यवाही की गई है ।
तलाक की बढती प्रवृत्ति के पीछे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता तथा सामाजिक स्वीकृति में वृद्धि, ये मुख्य कारण हैं, ऐसा समाजशास्त्रियों का मत है ।
‘हिन्दी-चीनी भाई-भाई’ कहते हुए भारत पर आक्रमण कर भारत की सहस्रों वर्ग किलोमीटर भूमि हडपनेवाले चीन पर कौन विश्वास करेगा ?
यह अनुभव कई देश चीन के सैन्य सामग्री के बारे में करने लगे हैं, यह स्पष्ट है कि यदि चीन भारत के साथ युद्ध करता है, तो भारत कुछ ही घंटों में उनके हथियार नष्ट किए बिना नहीं रहेगा !
चीन की मानसिकता को देखते हुए यदि कल वह पूरे कश्मीर को ही अपना हिस्सा होने का दावा करे, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए !
7 मास के उपरांत अब चीन को इस विषय पर अचानक कैसे जाग आई ? इतने मास तक क्या चीन निद्रिस्त था ? या फिर ट्रम्प की तरह श्रेय लेने का रोग अब चीन को भी लग गया है ?
विस्तारवादी चीनी ड्रैगन को सबक सिखाने हेतु उसका चेहरा दुनिया के सामने उजागर करना आवश्यक है। इसके लिए अब भारत को कमर कसनी चाहिए।
भारत को मात्र, अब चीन को चेतावनी देकर नहीं रुकना चाहिए, अपितु अरुणाचल प्रदेश की वास्तविक स्थिति विश्व के समक्ष उजागर करने के लिए विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के भारत दौरे का आयोजन अरुणाचल प्रदेश में करना चाहिए ।