भोपाल (मध्य प्रदेश) – यहां मंदिर के भोंपुओं के संदर्भ में अनुमंडल पदाधिकारी ने मंदिर व्यवस्थापन को सूचना दी !
मस्जिद के भोंपुओं के विषय में परिवाद करने पर क्या अनुमंडल पदाधिकारी इतनी तत्परता से कृति करते हैं ?
मस्जिद के भोंपुओं के विषय में परिवाद करने पर क्या अनुमंडल पदाधिकारी इतनी तत्परता से कृति करते हैं ?
बंगाल के हिन्दुओं का दुर्भाग्य है कि उनको निरंतर धर्मांधों का पक्ष लेकर हिन्दुओं की उपेक्षा करनेवाली मुख्यमंत्री मिली है । इसे रोकने के लिए हिन्दुओं को तृणमूल कांग्रेस का राजनीतिक अस्तित्व समाप्त करने के लिए प्रयास करना आवश्यक !
बिहार की नीतिश कुमार सरकार का फतवा !
अजान पर ऐसा प्रतिबंध क्यों नहीं ? – विहिप
इससे पूर्व बिहार सरकार ने भी ऐसा निर्णय लिया है । वहां एक घंटा पूर्व काम पर उपस्थित रहने के लिए कहा गया है ।
‘हिन्दू ऐक्यवेदी’ नामक संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि मंदिर का रंग हटाया नहीं गया, तो संगठन के कार्यकर्ता स्वयं उसे हटा देंगे । यह मंदिर ‘मलाबार देवस्वोम मंडल’ द्वारा संचालित होता है । इस मंडल पर साम्यवादी तथा नास्तिकों का प्रभाव है ।
अधिवक्ता मनीष हिन्दू महासभा से संबंधित हैं तथा वे सामाजिक माध्यमों पर भी सक्रिय रहते हैं । उन्होंने अजान के अवसर पर प्रयोग में लाए जानेवाले भोंपुओं के विरुद्ध उपक्रम भी आरंभ किया था ।
बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद ? अगर उन्हें गोमूत्र के लाभ का ज्ञान होता तो वे ऐसा वक्तव्य कभी नहीं देते ! गोहत्या करने वालों को जब गाय के लाभ का पता चलेगा तो वे भी उसकी पूजा करने लगेंगे; किन्तु आसुरी वृत्ति के लोगों के लिए यह कदापि संभव नहीं है !
विश्व में इस्लामी, ईसाई, ज्यू तथा बौद्ध राष्ट्र हैं; परंतु १०० करोड जनसंख्यावाले हिन्दुओं का एक भी राष्ट्र नहीं है । यदि उन्होंने वह स्थापित किया, तो उसमें क्या अनुचित है ? खालिस्तान की मांग अलगाववादी मांग है, इससे हिन्दू राष्ट्र की मांग की तुलना कभी भी नहीं हो सकती ! तौकीर रजा समान लोग जानबूझकर ऐसे वक्तव्य देकर हिन्दू एवं सिक्ख में दूरी उत्पन्न कर रहे हैं ।
पाकिस्तान की जनता हिन्दू तथा भारत विरोधी होने का यह एक महत्त्वपूर्ण कारण है । पाकिस्तान से मित्रता करने की इच्छा रखनेवाले भारत के पाकिस्तान प्रेमियों को इस विषय में क्या कहना है ?
सिंध, जिससे भारत जाना जाता था, आज वहां हिन्दुओं की जो स्थिति है, वह हिन्दुओं के लिए अत्यंत लज्जास्पद है ! इस स्थिति में परिवर्तन करने के लिए हिन्दू राष्ट्र के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं है !