
मल्ललपुरम (केरल) – हिन्दुओं के विरोध के उपरांत मल्लपुरम के अंगदीपुरम में स्थित थिरुमंधकुन्नू देवी मंदिर के दीवारों पर लगाया पाकिस्तान के ध्वज जैसा हरा एवं श्वेत रंग मंदिर के व्यवस्थापन ने हटा दिया । ‘हिन्दू ऐक्यवेदी’ नामक संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि मंदिर का रंग हटाया नहीं गया, तो संगठन के कार्यकर्ता स्वयं उसे हटा देंगे । यह मंदिर ‘मलाबार देवस्वोम मंडल’ द्वारा संचालित होता है । इस मंडल पर साम्यवादी तथा नास्तिकों का प्रभाव है । पूरम उत्सव के पहले मंदिर को यह रंग दिया गया था ।
मंदिर के उत्सव समिति में मुसलमान एवं ईसाई !
इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि मंदिर के उत्सव समिति में सदस्य के रुप में मुसलमानों को नियुक्त किया गया है । इस समिति में पहला नाम ‘मुस्लीम लीग’ के नेता तथा सांसद अब्दुल समद सामदानी का है । १४ सदस्यों में से ५ मुसलमान हैं । इस समिति के अध्यक्ष मंजलमकुळी अली मुसलमान हैं, तो उपाध्यक्ष जोस वर्गीज ईसाई हैं । (क्या कभी चर्च अथवा मस्जिद की समितियों पर हिन्दुओं को इस प्रकार नियुक्त किया देखा है ? – संपादक)
संपादकीय भूमिकाहिन्दुओं को धर्मशिक्षा न देने का ही यह परिणाम है ! |
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न