योगी आदित्यनाथ का समर्थन करने पर मुसलमान महिला को पति द्वारा तलाक की नोटिस
ऐसे प्रसंग में महिला आयोग एवं महिला संगठन मुसलमान महिलाओं के लिए कभी आवाज उठाते हैं क्या ?
ऐसे प्रसंग में महिला आयोग एवं महिला संगठन मुसलमान महिलाओं के लिए कभी आवाज उठाते हैं क्या ?
जिन लोगों को तिरंगा, इस देश तथा यहां की मिट्टी पर प्रेम नहीं है, वे ऐसे ही प्रश्न उपस्थित करेंगे ! वे कितने देशभक्त हैं, इन विधानों से यह ध्यान में आता है !
उत्तर प्रदेश में सामने आई ‘लव जिहाद’ की एक और घटना !
बंदी बनाए गए शफिक के पिता इब्राहिम ने कहा, ‘‘ मेरे बेटे को क्यों बंदी बनाया गया है ?, यह मुझे नहीं पता । हम मुसलमान हैं; इसलिए हमें लक्ष्य किया जा रहा है ।’’
‘अमेरिका निरंतर दूसरे देशों में घुसकर अपने शत्रुऒ के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई करता है, भारत ऐसा क्यों नहीं कर सकता ? प्रत्येक भारतीय के मन में यह प्रश्न उठता है !
इससे यह ध्यान में आता है कि धर्मांध अब कानून, सरकार आदि किसी को भी महत्त्व नहीं देते ! ऐसों पर सरकार क्या कार्रवाई करेगी ?
ऐसा कोई अपाराध नहीं, जिसमें धर्मांधों का सहभाग नहीं !
बांगलादेश के सत्ताधारी पक्ष अवामी लीग के नेता ही हिन्दुओं पर आक्रमण करते हैं । नरेंद्र मोदी को बांगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना पर दबाव बनाकर वहां के हिन्दुओं को सुरक्षा उपलब्ध करने के लिए प्रयत्न करने चाहिए, यही राष्ट्रनिष्ठ हिन्दुओं की अपेक्षा है !
‘पी.एफ.आई. के द्वारा देशविघातक गतिविधियां चलाए जाने के असंख्य प्रमाण सामने आते हुए भी सरकार उस पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाती ?’, यह प्रश्न राष्ट्रप्रेमियों के मन में है !
हिन्दुत्वनिष्ठों द्वारा ‘हम संवैधानिक पद्धति से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करेंगे’, यह घोषणा दिए जाने पर आक्रोश कर चिल्लानेवाले धर्मनिरपेक्षतावादी अब कहां हैं ? अथवा क्या उन्हें इस्लामी राष्ट्र चलेगा ? यह प्रवृत्ति तो पाखंडी धर्मनिरपेक्षता और हिन्दूविघातक दोहरी नीति का उदाहरण है !