‘द केरल स्टोरी’ चलचित्र (फिल्म) के विरोध के पीछे षडयंत्र ! – निर्माता विपुल शहा
हिन्दुओं को ऐसा लगता है कि इस चलचित्र का विरोध करनेवाले जिहादी आतंकवादियों के समर्थक हैं, इसलिए केंद्र सरकार इसका अन्वेषण कर, उनपर कार्यवाही करने का प्रयास करे !
हिन्दुओं को ऐसा लगता है कि इस चलचित्र का विरोध करनेवाले जिहादी आतंकवादियों के समर्थक हैं, इसलिए केंद्र सरकार इसका अन्वेषण कर, उनपर कार्यवाही करने का प्रयास करे !
हिन्दू बहुसंख्यक देश में रास्ता रोककर नमाज पढना धार्मिक नहीं, अपितु शक्ति-प्रदर्शन ही है, ऐसे हिन्दुओं को लगता है !
‘लव जिहाद’ अर्थात भारत की हिन्दू युवतियों को धर्मांतरित करने हेतु शत्रु राष्ट्रों द्वारा रचा गया अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र ! इसमें इस्लामी राष्ट्र बडी संख्या में सहभागी होकर यह षड्यंत्र रच रहे हैं ।
वर्ष २०१४ में इंग्लैंड में सिखों के अकाल तख्त ने ‘लव जिहाद’ को गंभीरता से लिया । वहां यह विषय ‘रोमियो जिहाद’ एवं ‘ग्रूमिंग जिहाद’ के नाम से पहचाना जाता है ।
कुछ मुसलमान इतने क्रूर होते हैं कि वे दुबई, अफगानिस्तान, सउदी जैसे मुसलमानबहुल देशों में हिन्दू लडकियों की बिक्री करते हैं । ध्यान रहे, ऐसी बिक्री होने पर आपके जीवन में केवल नरकयातनाएं ही होंगी; क्योंकि ये वासनांध मुसलमान आपका उपभोग करने के पश्चात किसी दूसरे मुसलमान को बेच देगें ।
जानकारी तंत्रज्ञान मंत्रालय, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एवं डिजिटल मानक प्राधिकरण को भी नोटिस भेजी गई है । न्यायालय ने चेतावनी दी है कि यदि यह समाचार हटाया नहीं गया, तो कार्रवाई की जाएगी ।
ऐसी पुलिस किसके लिए काम करती है, महाराष्ट्र शासन के लिए अथवा अतिक्रमण करनेवालों के लिए ?
इससे धर्मांधों में कानून का भय नहीं बचा है, यह स्पष्ट होता है ! पुलिस को पत्थरबाजी कर कानून को हाथ में लेनेवाले धर्मांधों पर कठोर दंड देना चाहिए !
यह निश्चित है कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल एवं जनता दल (संयुक्त) की हिन्दू द्वेषी सरकार होने से ऐसे संगठन पर कोई कार्यवाही नहीं होगी !
‘द केरल स्टोरी’ चलचित्र से हिन्दू लडकियों के धर्म-परिवर्तन का षड्यंत्र सामने आया है । यह संकट केवल केरल तक सीमित नहीं है, अपितु भारत के अन्य राज्यों में भी हिन्दू लडकियां इस षड्यंत्र की बलि चढ रही हैं ।