किलों पर बनाई गई अवैध कब्रों और प्रार्थनास्थलों को हटाकर लैंड जिहाद को रोकिए ! – शिवप्रेमियों की मांग

ट्वीटर पर शिवप्रेमियों का ‘सेव फोर्टस्’ और ‘अपोज लैंड जिहाद’ का #हैशटैग (किसी एक ही विषय पर कराई गई चर्चा) चौथे स्थान पर !

(कहते हैं) ‘योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा बंद किए पशुवधगृहों को पुनः संचालित करेंगे ! – मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) के कांग्रेस प्रत्याशी ने मतदाताओं को दिया लालच

पशुवधगृहों में बडी संख्या में गोहत्याएं होने से हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, यह ज्ञात होते हुए भी जानबूझकर पशुवधगृहों को पुनः संचालित करने का आश्वासन देना, तो हिन्दुओं को कोसना ही है ! सरकार को समाज में विद्वेष फैलानेवाले ऐसे कांग्रेसियों को कारागार में डाल देना चाहिए !

तमिलनाडू में हिन्दुओं के ५ देवताओं की मूर्तियों की तोडफोड करनेवाला धर्मांध ईसाई गिरफ्तार !

ईसाइे मूर्तिभंजक को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टालमटोल !
हिन्दू मुन्नानी (हिन्दू संगठन) संगठन द्वारा आंदोलन किए जाने के उपरांत यह ईसाई गिरफ्तार !

नक्सलियों को धन एवं अस्त्र-शस्त्रों की आपूर्ति करने वाली बांग्लादेशी घुसपैठिया महिला, देहली में बंदी बनाई गई  !

यह लज्जाजनक बात है कि, बांग्लादेशी घुसपैठिए यहां अवैध रूप से रहते हैं तथा भारतीय प्रशासन, पुलिस एवं सुरक्षा बलों को उसका अता-पता भी नहीं होता है !

पाक सीमा पर ३०० से ४०० आतंकी घुसपैठ की सिद्धता में !

पाकिस्तान को नष्ट करने पर आतंकवाद अपने आप समाप्त हो जाएगा । इसको ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार को अब भारतीय सेना को पाकिस्तान का अंत करने की छूट देनी चाहिए ; ऐसा ही राष्ट्रप्रेमियों को लगता है !

हिंदू जनजागृति समिति का यूट्यूब चैनल १ लाख सदस्यों तक पहुंचा !

राष्ट्रीय रक्षा और धर्म जागृति के लिए प्रतिबद्ध, हिंदू जनजागृति समिति का यू ट्यूब चैनल १ लाख सदस्यों के मील के पत्थर तक पहुंच गया है ।

मनु, चाणक्य और बृहस्पति द्वारा विकसित भारतीय न्याय व्यवस्था ही भारत के लिए योग्य !

उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति ने यह विचार व्यक्त किए होंगे, तो भी भारत के तथाकथित धर्मनिरपेक्षतावादी, ढोंगी आधुनिकतावादी यह स्वीकार नहीं करेंगे और इस विचार को ‘स्वयं को अधिक समझता है’ इस मनोदशा में विरोध करेंगे !

असम में गोतस्करों की संपत्ति जप्त करने का विधेयक पारित !

गोहत्या और गोतस्करी के संबंध में केंद्र सरकार ने कठोर कानून बनाया, तो देश के राज्यों को अलग-अलग कानून बनाने की आवश्यकता नहीं होगी ! केंद्र सरकार को ऐसा कानून शीघ्रातिशीघ्र बनाना चाहिए, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है !

हरिद्वार में हुई धर्म संसद में वक्ताओं के कथित आपत्तिजनक विधानों के कारण उच्चतम न्यायालय के ७६ अधिवक्ताओं का मुख्य न्यायाधीश का पत्र

हिन्दुओं पर होने वाले अत्याचारों के विषय में, साथ ही उनके ऊपर होनेवाले आक्रमणों के विषय में इस प्रकार का पत्र लिखने की सद्बुद्धि इन अधिवक्ताओं को कभी क्यों नही होती या कानून और सुव्यवस्था केवल अन्य धर्म के लोगों के लिए ही होती है , ऐसा उन्हें लगता है ?