(कहते हैं) ‘मैंने अपने विधानसभा क्षेत्र के तीन पुराने मंदिर तोड़े थे !’ – द्रमुक नेता टी. आर. बालू
मंदिर तोड़ने की बात अभिमान से कहनेवाले आजके गजनियों को उनका स्थान दिखाने के लिए तमिलनाडु के हिन्दुओं का संगठित होना आवश्यक !
मंदिर तोड़ने की बात अभिमान से कहनेवाले आजके गजनियों को उनका स्थान दिखाने के लिए तमिलनाडु के हिन्दुओं का संगठित होना आवश्यक !
भारत के विदेशमंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने प्रतिपादन किया है भारत ने पाक-स्वीकृत आतंकवाद एवं चीन के साथ सीमा-संघर्ष का जोरदार प्रत्युत्तर दिया है । भारत किसी के भी दबाव में नहीं है । भारत स्वयं की सुरक्षा के लिए सर्व प्रकार के कदम उठाएगा’ ।
अभिभावक अथवा बडों द्वारा बच्चों की हस्तांतरित की हुई सम्पत्ति ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का रखरखाव और कल्याण अधिनियम’ के अंतर्गत वापस नहीं ले सकते ।
मद्रास उच्च न्यायालय ने मंदिर के व्यवस्थापन को शबरीमला मंदिर के ‘सूरसम्हारा उत्सव’ के लिए मंदिर की मर्यादा एवं पवित्रता बनाए रखने के साथ भक्तों की सुरक्षा निश्चित करने का आदेश दिया ।
क्या ऐसा साहस द्रमुक सरकार ने चर्च अथवा मस्जिद में किया होता ? प्राचीन स्मारकों को हानि पहुंचाने के कारण सरकार के विरोध में अपराध प्रविष्ट कर संबंधित लोगों को दंड होने के लिए हिन्दुओं को प्रयास करना आवश्यक है !
हिन्दुओं को प्रार्थना के माध्यम से आरोग्य लाभ, साथ ही अनेक प्रलोभन देकर धर्मपरिवर्तित किया जाता है। हिन्दू भी इन प्रलोभनों के बली पडते हैं । उन्हें इस घटना से सीख लेने दीजिए !
अगले २४ घण्टोंमें शहर में मूसलाधार बारिश की सम्भावना बताई गई है।
कोईंबतूर में कोट्टई ईश्वरम् मंदिर के पास २३ अक्टूबर को एक चौपहिया वाहन में हुए विस्फोट में क्या आतंकियों का हाथ हो सकता है ?, इस दिशा में तमिलनाडू पुलिस जांच कर रही है ।
बडे राजनीतिज्ञों को अर्थपूर्ति के लिए लक्ष्य करने का प्रयास
अनेक स्थानों पर शस्त्रास्त्रों के कारखाने खडे किए !