
कराची (पाकिस्तान) – पाकिस्तान जहां इस वर्ष अप्रैल में कराची विद्यापीठ में हुए विस्फोटों की जांच कर रहा था, वहीं चीन ने भी पाकिस्तान के साथ मिलकर आक्रमण की जांच करने का निर्णय लिया है । पाकिस्तान पर आक्रमण कर चीनी नागरिकों को लक्ष्य बनाया जा रहा है । कहा जाता है कि इस आक्रमण का उद्देश्य चीन के साथ पाकिस्तान के संबंधों को हानि पहुंचाना और पाकिस्तान के लिए आर्थिक समस्याएं निर्माण करना है ।
Alarmed by suicide attack, China and Pakistan work together on probe https://t.co/GU8qmBCqWu
— Reuters China (@ReutersChina) October 31, 2022
यह आक्रमण एक पाकिस्तानी महिला आत्मघाती आक्रमणकारी ने किया था । आक्रमण में चीनी मूल के एक शिक्षक के साथ एक स्थानीय चालक की भी मृत्यु हुई थी । इसके बाद कुछ और आतंकी आक्रमण हुए । इस बार भी चीनी नागरिकों को लक्ष्य बनाया गया । नवंबर २०१८ में, कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास पर आक्रमण किया गया था । इसके उपरांत जून २०२० में कराची ‘स्टॉक एक्सचेंज’ पर आक्रमण किया गया ।
चीनी नागरिकों पर आक्रमणों के पीछे बलूचिस्तान मुक्ति सेना (लिबरेशन आर्मी) का हाथ होने का आरोप लगा है । बलूचिस्तान मुक्ति सेना ने चीन को बलूचिस्तान से दूर रहने की चेतावनी दी है ।
संपादकीय भूमिकाइससे प्रमाणित होता है कि चीन को पाकिस्तान पर कोई विश्वास नहीं है ! |
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