अगले सप्ताह ‘पी.एफ्.आई.’ पर बंदी की संभावना !
अन्वेषण यंत्रणा की कार्यवाही के पश्चात भी ‘पी.एफ्.आई.’ आक्रमण की तैयारी करती है, इससे यह ध्यान में आता है कि वे कितने सज्ज हैं ! इतना होने तक भी उसके विरुद्ध कार्यवाही का न होना लज्जाजनक !
अन्वेषण यंत्रणा की कार्यवाही के पश्चात भी ‘पी.एफ्.आई.’ आक्रमण की तैयारी करती है, इससे यह ध्यान में आता है कि वे कितने सज्ज हैं ! इतना होने तक भी उसके विरुद्ध कार्यवाही का न होना लज्जाजनक !
विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान को दिए गए एफ-१६ विमानों के संबंध में अमेरिका को खरी-खरी सुनाई !
१-२ आतंकवादियों को मारने से कश्मीर में जिहादी आतंकवाद नष्ट नहीं होगा, अपितु उनके जन्मदाता पाकिस्तान तथा कश्मीर की जिहादी मानसिकता को नष्ट किया, तभी वह नष्ट होगा !
जिहादी और अब खालिस्तानी, दोनों ही हिन्दुओं को अपना लक्ष्य बना रहे हैं, ऐसे में हिन्दुओं की रक्षा कौन करेगा ? इस स्थिति में परिवर्तन के लिए हिन्दू राष्ट्र की स्थापना अपरिहार्य है !
केंद्र सरकार ने देहली उच्च न्यायालय में प्रविष्ट एक प्रतिज्ञापत्र में कहा है कि भारत में रहनेवाले रोहिंग्या मुसलमान घुसपैठियोें का पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों से संबंध है । बडी संख्या में इन घुसपैठियों की उपस्थिति ने देश में सुरक्षा के लिए गंभीर समस्या निर्माण की है ।
कर्नाटक राज्य के मदरसों में दी जा रही शिक्षा पर प्रतिबंध लगाया जाए, इसके साथ ही आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त ‘पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया’पर (पी.एफ.आइ.पर) प्रतिबंध लगाया जाए, ऐसी मांग विधानसभा के अधिवेशन में रखी जाए; इसलिए शिक्षामंत्री बी.सी. नागेश, कन्नड एवं संस्कृति मंत्री सुनील कुमार, भाजपा के राज्यप्रमुख एन्. रविकुमार सहित विविध मंत्रियों को हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा निवेदन दिए गए ।
कर्नाटक पुलिस द्वारा इन आतंकवादियों की सहायता करने वाले संपूर्ण तंत्र को खोजकर कठोर कार्यवाही होना आवश्यक !
ध्यान दें कि गत 3 दशकों में एक भी शासनकर्ता ने कश्मीरी हिन्दुओं के पलायन और हत्याओं की जांच के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा है !
जिहादी पी.एफ.आइ. के समर्थकों की छानबीन करके उन पर भी कार्रवाई करना आवश्यक !
कनाडा खलिस्तानी आतंकवादियों का अड्डा बनने से वहां ऐसी घटनाओं का होना आश्चर्य की बात नहीं है, परंतु अब भारत को केवल तीव्र शब्दों में कनाडा को निषेध व्यक्त कर चुप न बैठकर उसे समझ में आए ऐसी भाषा में कार्यवाही करनी चाहिए !