आतंकवादी यासीन भटकल सूरत की मुसलमान बस्तियों को खाली करवाकर शहर में अणु बम डालने वाला था !
राष्ट्रीय अन्वेषण यंत्रणा के विशेष न्यायालय ने किया स्पष्ट !
राष्ट्रीय अन्वेषण यंत्रणा के विशेष न्यायालय ने किया स्पष्ट !
‘पाकिस्तानी भूमि ,यह जिहादी आतंकवाद की जननी है’, इस वस्तुस्थिति को सत्य ठहराने का यह एक और साक्ष्य है !
स्वयं को महासत्ता समझनेवाली अमेरिका में गिने-चुने खालिस्तानी भारत के दूतावास के बाहर प्रदर्शन करते हैं, साथ ही पत्रकार की पिटाई भी करते हैं, यह अमेरिका के लिए लज्जाजनक !
‘पश्तून सुरक्षा आंदोलन के’ कार्यकर्ता फजल-उर-रहमान द्वारा पाकिस्तान के ‘तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (टीटीपी) आतंकवादी संगठन से निकट संबंध होने की बात सामने आई है ।
ऐसे षड्यंत्रों को नष्ट करने हेतु अब केंद्र सरकार को कडे कदम उठाने चाहिए !
पाकिस्तान की गुप्तचर संस्था आइ एस आइ के ब्रिगेडियर मुस्तफा कमाल को मारा गया है ।
महासत्ता समझे जानेवाले अमेरिका की पुलिस क्या ऐसी घटनाओं के समय सोई होती है ?
कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में खलिस्तानवादी भारतीय दूतावास एवं हिन्दुओं के मंदिरों पर आक्रमण कर रहे है; परंतु इन देशों द्वारा इसपर कोई कठोर कार्यवाही होती नहीं दिखाई दे रही है । अब भारत सरकार तथा भारतीय जनता को इन देशों के विरोध में कठोर होने की आवश्यकता है !
अमृतपाल सिंह युवकों को आत्मघाती आक्रमण के लिए तैयार कर रहा था ।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित ‘‘इन्स्टिट्यूट फॉर इकॉनॉमिक्स एंड पीस(अर्थशास्त्र और शांति संस्थान’ ) ने ‘वैश्विक आतंकवाद सूचकांक २०२२’ (ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स २०२२) के अंतर्गत आतंकवादी गतिविधियों के संबंध में २० प्रमुख आतंकवादी संगठनों की सूची प्रकाशित की है ।