वर्ष २०२३ में पाकिस्तान के २ टुकडे होंगे !

यदि पाकिस्तान की परिस्थिति में सुधार न हुआ, तो सहस्रों निर्वासित पाकिस्तान छोडकर विश्व में कहीं भी जाएंगे । भारत पर भी उसका व्यापक प्रभाव होगा ।

(कहते हैं) ‘मनुस्मृति तथा रामचरितमानस द्वेष फैलाते हैं, इसलिए उन्हें जला दें !  – बिहार के शिक्षामंत्री चंद्रशेखर

यदि एक राज्य के शिक्षामंत्री ही ऐसा कहें, तो राज्य की शिक्षा कैसी होगी ? इसकी कल्पना करना असंभव है !

भाग्यनगर (तेलंगाना) यहां भाजपा सांसद के घर की तोडफोड

तेलंगाना में यह सत्तारूढ भारत राष्ट्र समिति पक्ष (पार्टी) की तानाशाही है । चूंकि सरकार इस घटना में दोषियों के विरुद्ध कुछ नहीं करेगी, इसलिए केंद्र सरकार को इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है !

नौकरी और व्यवसाय के लिए ३ सहस्र भारतीय युवकों को दिया जाएगा वीजा !

विदेशों से ब्रिटन में पढने आने वाले सभी छात्रों में एक चौथाई अकेले भारत से हैं । साथ ही भारतीय निवेश के कारण पूरे ब्रिटेन में लगभग ९५ सहस्र लोगों को जीविका (नौकरी) भी मिलती है । ऐसा वृत्त सामने आ रहा है कि ब्रिटेन और भारत के मध्य व्यापार समझौते पर अभी भी चर्चा चल रही है ।

गुजरात में हिंदुत्वनिष्ट दल ही भाजपा को पराजित कर सकता है ! – पूर्व पुलिस अधिकारी डी.जी. वंजारा

वंजारा ने ‘प्रजा विजय पक्ष’ की स्थापना की !

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस्राइल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री नेतान्याहू का अभिनंदन

इस्राइल के इतिहास में सर्वाधिक कालावधि के लिए प्रधानमंत्री पद पर रहे ७३ वर्षीय बेंजामिन नेतान्याहू पुन: प्रधानमंत्री पद का दायित्व संभालेंगे । इस पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेतान्याहू का अभिनंदन किया ।

अमेरिका में एक दशक में ४५० राजनीतिक हत्याएं हुईं ।

इससे भारत एवं अन्य विकासशील देशों को समुपदेशों की घुट्टी (डोस) पिलानेवाली अमेरिका में कानून तथा सुरक्षा की स्थिति क्या है, यह ध्यान में आता है !

तेलंगाना राष्ट्र समिति के नेता द्वारा २०० मुर्गियों और शराब की बोतलों का वितरण !

इस प्रकार की तमोगुणी सामग्री अब तक गुप्त रूप से लोगों को बांटी जा रही थीं । अब इसे खुलेआम किया जा रहा है, यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है !

गुलाम नबी आजाद द्वारा ‘डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी’ नामक नए पार्टी की घोषणा

जम्मू-कश्मीर के भूतपूर्व मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस के भूतपूर्व नेता गुलाम नबी आजाद ने नवरात्रि के प्रथम दिन अपने नए पार्टी की घोषणा की । उन्होंने इस पार्टी का नाम ‘डेमाक्रेटिक आजाद पार्टी’ रखा है ।

जनप्रतिनिधि कानून में अनेक सुधार करने की चुनाव आयोग की केंद्र शासन को सिफारिश

आधिकारिक ढंग से चंदे की कितनी भी सीमा तय की गई, तो भी ‘चुनाव में काले पैसे का प्रयोग कैसे होता है’, यह अधिकतर नागरिकों को ज्ञात है तो फिर यह चुनाव आयोग को कैसे नहीं दिखता ?