(और इनकी सुनिए…) ‘लिपुलेख हमारा क्षेत्र है !’ – Nepal’s Claim

भारतीयों के लिपुलेख मार्ग से कैलास मानसरोवर यात्रा किए जाने का नेपाल ने किया विरोध

काठमांडू (नेपाल) – भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड के पिथौरागढ स्थित लिपुलेख दर्रे से कैलास मानसरोवर यात्रा की घोषणा के उपरांत नेपाल ने इस पर आपत्ति जताई है । नेपाल ने एक बार फिर दावा किया है कि लिपुलेख उसका क्षेत्र है । इस यात्रा को लेकर भारत एवं चीन के बीच हो रहे सहयोग पर भी नेपाल ने दोनों देशों को अपनी आपत्ति व्यक्त की है । यह यात्रा इस वर्ष जून से अगस्त के बीच प्रस्तावित है अंतरराष्ट्रीय । भारत द्वारा इस मार्ग से चीन के साथ व्यापार आरंभ करने के निर्णय पर भी नेपाल ने कडी अप्रसन्नता जताई है ।

(और इनकी सुनिए…) ‘किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को हम स्वीकार नहीं करेंगे !’

नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि १८१६ की सुगौली समझौते के अनुसार महाकाली नदी के पूर्व स्थित लिम्पियाधुरा, लिपुलेख एवं कालापानी क्षेत्र नेपाल के अभिन्न अंग हैं । इन्हें अपना बताते हुए नेपाल ने कहा कि किसी भी विदेशी देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा । मंत्रालय ने यह भी कहा कि ऐतिहासिक दस्तावेजों, मानचित्रों एवं साक्ष्यों के आधार पर, भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को हानि पहुंचाए बिना इस सीमा विवाद का समाधान कूटनीतिक तरीके से किया जाएगा । नेपाल सरकार पहले भी भारत से इस क्षेत्र में सडक निर्माण या धार्मिक यात्राओं से बचने का अनुरोध कर चुकी है ।

नेपाल का दावा अनुचित है ! – भारत का प्रत्युत्तर

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सरकार का आधिकारिक मत स्पष्ट करते हुए कहा कि लिपुलेख दर्रे का मार्ग कोई नया नहीं है । यह मार्ग १९५४ से कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए उपयोग किया जा रहा है । कई दशकों से इसी मार्ग से यात्रा होती रही है । भारत का मत इस सूत्र पर हमेशा स्पष्ट एवं सुसंगत रहा है । इसलिए नेपाल का दावा अनुचित है तथा यह किसी ऐतिहासिक तथ्य या प्रमाण पर आधारित नहीं है । इस तरह का एकतरफा एवं कृत्रिम रूप से बढाया गया क्षेत्रीय दावा भारत किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करता । भारत ने कहा कि वह लंबित सीमा मुद्दों पर नेपाल के साथ रचनात्मक बातचीत तथा कूटनीतिक संवाद के माध्यम से समाधान के लिए हमेशा तैयार है ।

संपादकीय भूमिका

नेपाल में चाहे कोई भी सरकार आए, वह भारत के विरुद्ध ही होगी—यह एक बार फिर स्पष्ट होता है !