साधकों को सूचना तथा पाठक, शुभचिंतक एवं धर्मप्रेमियों से विनम्र निवेदन !

कुंभपर्व में धर्मप्रसार के अंतर्गत सेवा की पूर्वतैयारी १.१२.२०२४ से प्रयागराज में आरंभ होगी । कुंभकाल में धर्मप्रसार की सेवा करने के लिए पूरे भारत से अनेक धर्मप्रेमी तथा साधक प्रयाग में रहने के लिए आएंगे । प्रत्यक्ष धर्मप्रसार की सेवा के लिए १५.१२.२०२४ से ५.३.२०२५ तक कुंभक्षेत्र में विविध सेवाओं के लिए दोपहिया तथा चारपहिया वाहनों की आवश्यकता है । ‘डीजल’ पर चलनेवाले तथा ४-५ अथवा ८-१० व्यक्ति बैठ सकें, इतनी क्षमता के चारपहिया वाहन तथा संभव हो तो ‘सेल्फ स्टार्ट’ दोपहिया वाहन की
आवश्यकता है ।
साधक, पाठक, हितचिंतक तथा धर्मप्रेमी जिनके वाहन के सभी कागदपत्र (आर.सी. बुक, पी.यू.सी., बीमा (इन्शोरन्स) आदि पूर्ण हैं और उनके पास ऊपर लिखित वाहन हैं, तो वे कुछ काल के लिए वह उपयोग करने के लिए दे सकते हैं । जो इच्छुक हैं, वे नीचे दिए क्रमांक पर संपर्क करें ।
साधकों के कोई संबंधी अथवा परिचित प्रयाग में रहते हों तथा वे अपने वाहन कुंभसेवा हेतु उपयोग करने के लिए दे सकते हैं, तो वे भी सूचित करें ।
अर्पण करने एवं वाहन कुछ कालावधि हेतु देने के लिए संपर्क करें !नाम तथा संपर्क क्रमांक श्रीमती भाग्यश्री सावंत : ७०५८८८५६१० संगणकीय पता : [email protected] डाक पता : श्रीमती भाग्यश्री सावंत, द्वारा ‘सनातन आश्रम’, २४/बी, रामनाथी, बांदिवडे, फोंडा, गोवा. पिन ४०३ ४०१ |
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?