वैश्‍विक हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का तीसरा दिन (२६ जून) उद्बोधन सत्र : भारतविरोधी शक्ति

संत समाज को विशेषरूप से आदिवासी क्षेत्रों में जाना चाहिए । आदिवासी धार्मिक होते हैं । वे श्रद्धालु होते हैं । साधु- संतों का आदर-सत्कार करते हैं । अब तक केवल मुसलमान और ईसाई समाज इनकी ओर वोटबैंक के रूप में देख रहा था ।

वैश्‍विक हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का तीसरा दिन (२६ जून) : हिन्दू इकोसिस्‍टम

भारत पर अधिराज्य करने के लिए ‘गजवा-ए-हिंद’ कार्यरत ! – मोनिका रेड्डी, संस्‍थापक अध्यक्षा, अहम् टॉक्‍स, भाग्यनगर, तेलंगाना

Thook Jihad : मुस्लिम कर्मचारी ने हिन्दू युवक के चेहरे पर थूक लगाकर किया मालिश !

धर्मांध मुस्लिमों की ऐसी विकृति पर कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी आदि मुसलमानप्रेमी राजनैतिक दल कभी मुंह नहीं खोलेंगे, यह ध्यान में रखें !

भारतीय संविधान से ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द निकालने का समय आ गया है ! – अधिवक्ता जॉयदीप मुखर्जी, महासचिव, अखिल भारतीय कानूनी सहायता संस्था, बंगाल

बांगलादेश से आए घुसपैठियों के कारण असम, मिजोरम एवं पश्चिम बंगाल के राज्यों के ८ सहस्र गांव मुसलमानबहुल हो गए हैं । इन सभी गावों में ९० प्रतिशत से अधिक मुसलमान हैं ।

बॉलीवुड जिहाद : हिन्दुओं के विरुद्ध भयावह षड्‍यंत्र !

ऐसा संदेह हो रहा है कि केंद्रीय चलचित्र परिनिरीक्षण मंडल (सेंसर बोर्ड) पूर्णतः बिक चुका है । उसमें काम करनेवाले अधिकारियों द्वारा धन लेकर दृश्‍य सम्मत एवं रद्द किए जा रहे हैं, यदि किसी को ऐसा लगे, तो उसमें आश्‍चर्य कैसा ?

केरल के मल्लपुरम में पी.एफ.आई. के जिहादी कार्यकर्ताओं के घरों पर मारे गए छापे !

प्रतिबंधित पी.एफ.आई. के जिहादी कार्यकर्ताओं की कार्यवाहियां आज भी चल रही हैं । इस कारण पी.एफ.आई. पर केवल प्रतिबंध लगाना उपयोगी न होकर उसकी जडों को खोदना आवश्यक है !

सबसे संकटकारी ‘आर्थिक जिहाद’ एवं उसे रोकने के उपाय !

आर्थिक जिहाद का सामना करना कठिन नहीं है । हमें केवल सजग एवं सतर्क रहना होगा । हिन्दुओं को पुन: दृढतापूर्वक एवं आपसी सूझ-बूझ से अपना व्यवसाय आरंभ करना होगा, तभी वे इस संकट पर विजय प्राप्त कर सकते हैं ।’

सबसे धोकादायक ‘आर्थिक जिहाद’ और उसे रोकने के उपाय !

‘जगभर में इस्लाम का जिहाद चल रहा है । उनके शस्त्रास्त्र जिहाद के बारे में लगभग सभी को पता है; परंतु महत्त्वपूर्ण है कि सभी प्रकार के जिहाद में केवल २.५ प्रतिशत ही शस्त्रास्त्रों का जिहाद है ।

(…..और इनकी सुनिए) ‘जिहाद के माध्यम से फ्रांस बनेगा इस्लामी देश !’ – पैलेस्टाईन के मौलाना अबु तकी अल-दिन-अल् दारी

इस्लाम को तो शांति का धर्म कहा जाता है, तो उसके नाम पर संबंधित मौलाना का वक्तव्य, साथ ही फ्रांस में चल रही हिंसा से इस्लामी देशों का ‘इस्लाम सहयोग संगठन’, साथ ही संपूर्ण विश्व के इस्लामी विद्वान चुप क्यों बैठते हैं ?