नौकरी के नाम पर कुवैत में केरल की दो महिलाओं को बेचा
भारत से इस्लामी देशों में काम के लिए गए नागरिकों को सताया जाता है, यह नया नहीं है । इस विषय में भारत सरकार को कठोर कदम उठाकर उनकी रक्षा करनी चाहिए !
भारत से इस्लामी देशों में काम के लिए गए नागरिकों को सताया जाता है, यह नया नहीं है । इस विषय में भारत सरकार को कठोर कदम उठाकर उनकी रक्षा करनी चाहिए !
स्विस बैंक में रखे सभी पैसे काले पैसे नहीं ! नई देहली – स्विट्जरलैंड के मध्यवर्ती बैंक ने १६ जून को वार्षिक रिपोर्ट घोषित की । इन आंकडों के अनुसार स्विस बैंक में भारतीय उद्योगपतियों और कंपनियों के रखे पैसे में एक वर्ष में ५० प्रतिशत बढोतरी हुई है । भारतीय संपत्ति ३८३ करोड १९ … Read more
संयुक्त राष्ट्र – चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाकिस्तानी आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी’ घोषित करने के प्रस्ताव को रद्द कर दिया है । प्रस्ताव भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया गया था । मक्की मुंबई पर २६/११ के आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का … Read more
कुवैत सिटी (कुवैत) – नूपुर शर्मा प्रकरण में कुवैत के ३० सांसदों ने भारत के विरोध में कठोर कार्रवाई करने की मांग कुवैत सरकार से की है । इसके लिए भारत पर सभी प्रकार का दबाव निर्माण करने की मांग की है । इन सांसदों ने भारत के मुसलमानों को उनका भाई संबोधित कर यह … Read more
जिनकी शारीरिक क्षमता है, वह देह से, बौद्धिक क्षमता है वह बुद्धि से, इस प्रकार सभी को स्वयं की क्षमता के अनुसार हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए योगदान देना आवश्यक है । केवल भाषण देकर नहीं, तो प्रत्यक्ष योगदान देकर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होगी । समाज परिवर्तनशील है ।
गढ-किलों का महत्त्व केवल ऐतिहासिक नहीं है, अपितु वो हमारी संस्कृति के धरोहर हैं । उनसे हमें धर्म और राष्ट्र का कार्य करने की प्रेरणा मिलती है; परंतु पुरातत्व विभाग की उपेक्षा के कारण षड्यंत्र रचकर किलों का इस्लामीकरण किया जा रहा है ।
भारत को धर्म के आधार पर विभाजित कर एक बडा भूभाग मुसलमानों को दिया गया; मात्र मोहनदास गांधी के ऐसा कहने पर कि ‘जिन मुसलमानों को भारत में रहना है, वे यहीं रह सकते हैं’, परिणामस्वरूप मुसलमानों की भारी जनसंख्या इस देश में ही रह गई । आज वही इस देश को नष्ट करने पर तुले हैं ।
इस्लामी अथवा ईसाई देशों की भांति हिन्दू राष्ट्र कोई संकीर्ण अवधारणा (संकल्पना) नहीं है, अपितु वह विश्वकल्याण का विचार करनेवाली, प्रत्येक नागरिक की लौकिक एवं पारलौकिक उन्नति का विचार करनेवाली एक सत्त्वप्रधान व्यवस्था है ।
संसार के अन्य किसी भी देश में बहुसंख्यकों के अधिकारों को ठुकराया नहीं जाता; परंतु भारत की ‘सेक्युलर’ राज्यप्रणाली के कारण हिन्दूबहुल भारत में हिन्दुओं की उपेक्षा हो रही है । वह न हो इसलिए भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होना आवश्यक है ।
अमेरिका के दबाव के कारण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्यता मिलने के लिए पाकिस्तान भारत का समर्थन करने के लिए तैयार हुआ है, ऐसा समाचार पाकिस्तानी प्रसार माध्यमों द्वारा प्रसारित किया जा रहा है ।