सनातन संस्था की ओर से देहली के शहीद भाई बाल मुकुंद सर्वोदय विद्यालय में अध्यात्म संबंधी मार्गदर्शन

‘नामजप करने से विद्यार्थी के जीवन में क्या लाभ हो सकता है ?, एकाग्रता कैसे निर्माण हो सकती है ?’ इसके बारे में बताया गया

शारदीय नवरात्रि : धर्मशिक्षा

इस लेख के माध्यम से देवी के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति में अधिकाधिक वृद्धि हो, ऐसी जगज्जननी श्री जगदंबा के चरणों में प्रार्थना है !

उपवास का शास्त्र

उपवास में मन के साथ अन्य इंद्रियों पर रखा जानेवाला कठिन संयम सीखने को मिलता है । ऐसे जितेंद्रिय व्यक्ति को बडी सहजता से अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है ।

सरस्वतीदेवी एवं सरस्वती नदी की महिमा

नवरात्रोत्सव के उपलक्ष्य में …

नवरात्रोत्सव के उपलक्ष्य में सनातन द्वारा प्रकाशित विभिन्न ग्रंथ-लघुग्रंथ, साथ ही देवताओं के चित्र तथा नामजप-पट्टियां समाज तक पहुंचाने का प्रयास करें !

नवरात्रि के कारण देवीभक्त शास्त्रोक्त पद्धति से देवी की आराधना कर सकें तथा उससे भक्तों को देवीतत्त्व का अधिक से अधिक लाभ हो, इस दृष्टि से इन ग्रंथों एवं उत्पादों को समाज तक पहुंचाना आवश्यक है ।

नवरात्रि के काल में होनेवाली धर्महानि रोकें तथा ‘आदर्श नवरात्रोत्सव’ मनाया जाए, इसके लिए प्रयास कर देवी की कृपा प्राप्त करें !

‘२२.९.२०२५ से नवरात्रोत्सव आरंभ हो रहा है । इस काल में देवीतत्त्व सामान्य की तुलना में १ सहस्र गुना कार्यरत होता है । नवरात्रि के उपलक्ष्य में व्यापक धर्मप्रसार होने हेतु निम्न प्रयास कर देवी की कृपा प्राप्त करें ।

दिनदर्शिका के द्वारा परिचितों को अपने व्यवसाय की जानकारी देते समय स्वयं से धर्मकार्य भी हो; इसके लिए स्वयं के विज्ञापनवाला ‘सनातन पंचांग ’ छपवाएं !

उद्योगपतियो, हिन्दुओं को धर्म की शिक्षा देकर उन्हें धर्मरक्षा के लिए प्रेरित करनेवाले ‘सनातन पंचांग’ में अपने प्रतिष्ठान के विज्ञापन छपवाकर उनके वितरण से धर्मप्रसार के कार्य में सम्मिलित हों !

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की भांति ही व्यापक स्तर पर कार्य करनेवालीं एकमेवाद्वितीय श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी !

एक ही समय पर अनेक स्तरों पर कार्य करनेवालीं तथा जिनके कार्य करने पर काल का भी बंधन नहीं है, ऐसी श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी !

सनातन संस्था के तीनों अवतारी गुरुओं के अवतारत्व की स्थूल से हो रही प्रतीति

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की अनेक उपलब्धियां केवल साधक ही नहीं, अपितु समाज के महनीय व्यक्ति भी अचंभित होकर देख रहे हैं । ३० वर्षों की अल्पावधि में इतना विशाल कार्य केवल अवतारी व्यक्ति ही कर सकते हैं  !