भारत के भूतपूर्व नौसेना अधिकारियों को कतर द्वारा मृत्युदंड देने का प्रकरण

नई देहली – कतर ने भारतीय नौसेना के ८ भूतपूर्व अधिकारियों को मृत्युदंड सुनाया है । इससे पूरे देश में खलबली मची है एवं भारत ने इस संदर्भ में आपत्ति दर्शाई है । इस दृष्टि से विदेशमंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ३० अक्टूबर को सवेरे इन अधिकारियों के परिजनों से भेंट की । भेंट के संदर्भ में ‘एक्स’ द्वारा पोस्ट कर जानकारी देते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि सरकार इस अभियोग के संदर्भ में गंभीर है तथा इस प्रकरण को महत्त्वपूर्ण मानती है । परिजनों की चिंता एवं वेदना हम समझ सकते हैं । अधिकारियों की रिहाई के लिए सरकार सर्वतोपरी प्रयास करती रहेगी ।
Met this morning with the families of the 8 Indians detained in Qatar.
Stressed that Government attaches the highest importance to the case. Fully share the concerns and pain of the families.
Underlined that Government will continue to make all efforts to secure their release.…
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) October 30, 2023
क्या है प्रकरण ?कतर में एक निजी कंपनी में काम करनेवाले भारत के ८ भूतपूर्व नौसेना अधिकारियों को वहां के एक कनिष्ठ न्यायालय ने मृत्युदंड सुनाया है । उनको ३० अगस्त २०२२ को बंदी बनाया गया था । कप्तान नवतेजसिंह गिल, कप्तान सौरभ वसिष्ठ, कमांडर पुरेनेन्दु तिवारी, कप्तान बिरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल एवं खलाशी रागेश उनके नाम हैं । इन ८ लोगों पर आरोप लगाया गया है कि इजरायल के लिए जासूसी कर कतर की गुप्त जानकारी उनको (इसरायल को) दी है । |
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