Indian Crew Hit : अमेरिकी आक्रमण में तीन भारतीय मारे गए !
भारत को अमेरिका की दादागिरी का केवल मौखिक विरोध करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे ऐसा सबक सिखाना चाहिए जिसे वह हमेशा याद रखे !
भारत को अमेरिका की दादागिरी का केवल मौखिक विरोध करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे ऐसा सबक सिखाना चाहिए जिसे वह हमेशा याद रखे !
अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी किए जाने के बीच ईरान लगातार इसे हटाने के प्रयास कर रहा है
यह नाकेबंदी ईरान के बंदरगाहों, तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या वहां से बाहर निकलनेवाली सभी देशों की नौकाओं के विरुद्ध होगी । इसमें अरब सागर एवं ओमान की खाडी में स्थित ईरान के सभी बंदरगाह सम्मिलित हैं
मध्ययुग में जिसप्रकार इस्लामी गुंडे अन्य साम्राज्यों पर आक्रमण कर वहां नरसंहार करते थे, उसप्रकार विगत के दशक में इस्लामिक स्टेट आदि आतंकी संगठन अपनी गतिविधियां चलाते रहे ।
यदि भारतीय सेना में इस प्रकार के विश्वासघाती लोग कार्यरत होंगे, तो यह भारत की सुरक्षा के लिए *अत्यधिक धोखादायक है ! ऐसे लोगों के विरुद्ध द्रुतिगति न्यायालय में वाद प्रविष्ट कर उन्हें सार्वजनिक रूप से फांसी देना आवश्यक है !
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने घोषणा की है कि भविष्य में जब तक पडोसी देश अपनी भूमि से ईरान पर आक्रमण नहीं करते, तब तक ईरान उन पर आक्रमण नहीं करेगा । इससे खाडी तथा मध्यपूर्व के देशों पर होने वाले आक्रमण अब रुक गए हैं ।
अराघची ने आगे कहा कि हमें विश्वास है कि हम अमेरिका का सामना करेंगे एवं यह उसके लिए बडा संकट प्रमाणित होगा । हम उसकी प्रतीक्षा कर रहे हैं । इसका अर्थ यह नहीं कि हम युद्ध जारी रखने के लिए यह कह रहे हैं, परंतु हम किसी भी परिस्थिति, किसी भी चुनौती एवं किसी भी संभावना का सामना करने के लिए तैयार हैं ।
“हमारे लिए लक्ष्य राजनीतिक एवं सैन्य – दोनों स्तरों पर सत्ता परिवर्तन कराना है l वहां नेतृत्व कौन करेगा, यह तय करना हमारा काम नहीं है । यह निर्णय ईरानी जनता को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों के माध्यम से लेना चाहिए”, ऐसा वक्तव्य इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन साअर ने दिया है ।
किरणोत्सर्ग होने की संभावना के कारण शहरों को खाली कराने की स्थिति !
८० प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित यह युद्धपोत ७७ मीटर लंबा है । कोलकाता स्थित ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स’ इस स्वदेशी संस्थान ने इस युद्धपोत का निर्माण किया है ।