प्रयागराज, ६ जनवरी (संवाददाता) : हिमालय में स्थित बद्रिकाश्रम ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वतीजी की ओर से महाकुंभपर्व में ‘गोमाता संरक्षण महायज्ञ’का आयोजन किया गया है । १५ जनवरी से १४ फरवरी की अवधि में यह महायज्ञ होगा । इस महायज्ञ में ३२४ यज्ञकुण्ड बनाए जा रहे हैं । इस महायज्ञ के लिए पूरे देश से २ सहस्र १०० ब्रह्मवृंद आनेवाले हैं ।

इस विषय में अधिक जानकारी देते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वतीजी के शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी ने ‘सनातन प्रभात’के मुख्य संवाददाता प्रीतम नाचणकर से भेंट की ।
उस समय उन्होंने कहा कि,
१. गोमातो को उनकी प्रतिष्ठा दिलाने हेतु पहले सरकार को प्रयास करने होंगे । उसके लिए पहले गोहत्याएं बंद होना आवश्यक है ।
२. गोमाता की रक्षा हो; इसीलिए ही इस ‘गोमाता संरक्षण महायज्ञ’का आयोजन किया गया है । इस यज्ञ के द्वारा देवताओं को आहुति दी जाएगी । इसके कारण गोरक्षा हेतु देवताओं के आशीर्वाद प्राप्त होंगे ।

३. वर्तमान में हाइब्रीड गोवंश तैयार किए जा रहे हैं, जो अशास्त्रीय है । तथाकथित दुग्धक्रांति के समय हाइब्रीड गोवंश तैयार किए गए । इसके कारण दूध तो बढ गया; परंतु यह दूध विष के समान है । जिस प्रकार पीडाहारी गोली से पीडा का तात्कालिन शमन होता है; परंतु शरीर पर उसके दुष्परिणाम होते हैं । वैसा ही यह है । जर्सी जैसे हाइब्रीड वंश का दूध भी विष के समान है । इंटरनेट पर इससे संबंधित अनेक शोधनिबंध देखने को मिलते हैं ।
४. भारतीय गोवंश ही यथार्थ में लाभदायक है । प्राचीन भारत में प्रत्येक हिन्दू के घर में गोमाता थी । हिन्दू गोग्रास देते थे । स्वयं प्रभु श्रीराम एवं श्रीकृष्ण गोदान देते थे ।
५. गोमाता केवल दूध ही नहीं देती, अपितु यथार्थ में हमारा पालन करती है । गोसंवर्धन हो तथा गोमाता को राष्ट्रमाता की श्रेणी मिले, इसके लिए बद्रिकाश्रम की ओर से जागृति की जा रही है ।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदजी का ९ जनवरी को कुंभक्षेत्र में होगा आगमन !

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदजी ९ जनवरी को कुंभक्षेत्र में प्रवेश करनेवाले हैं । इस महाकुंभपर्व में वे माघ अमावस्या तक सनातन धर्मप्रचार के अंतर्गत गोमाता की रक्षा, साथ ही मंदिरों की सुरक्षिता के विषय में मार्गदर्शन करेंगे । इसके लिए महाकुंभपर्व में ‘परमधर्मसंसद’का आयोजन किया गया है । इस धर्मसंसद में पूरे विश्व से १००८ मान्यवर उपस्थित रहेंगे ।

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