राजस्थान के रिश्वत प्रकरण में बंदी बनाई गई महिला पुलिस अधीक्षक के ठिकानों पर छापे !
भारत का भ्रष्टाचार जड से नष्ट करने के लिए ईमानदार शासनकर्ता चाहिए !
भारत का भ्रष्टाचार जड से नष्ट करने के लिए ईमानदार शासनकर्ता चाहिए !
स्वयं के उप सुरक्षामंत्री को गुप्तचरी के प्रकरण में फांसी देनेवाले इरान से भारत को सीखना आवश्यक !
इस ओर केंद्र सरकार को गंभीरता से देखते हुए तस्करी रोकनी चाहिए, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है !
यह वास्तविकता भारतीयों ने स्वीकार करने के साथ ‘इसे कभी भी बदला नहीं जा सकता’, यह भी स्वीकार किया है । यह पराभूत मानसिकता बदलने के लिए जनता को इसके विरोध में संगठित होना आवश्यक है !
भारत में यदि प्रामाणिक सरकारी अधिकारियों की ऐसी मानसिकता है, तो क्या देश से कभी भ्रष्टाचार नष्ट होना संभव है ? इस स्थिति के कारण धर्माचरणी सरकार तथा जनता का ‘हिन्दू राष्ट्र’ अपरिहार्य है !
अमेरिका, चीन, जापान जैसे विकसित देशों में कहीं भी १०० के आगे की मुद्रा नहीं; तो भारत में २ सहस्र रुपए के नोट की क्या आवश्यकता ? भारत में १ सहस्र रुपए की नोट बंद की गई है । इस कारण अब २ सहस्र रुपए के नोट की आवश्यकता नहीं ।
पानी में रहनेवाली मछली पानी कब पीती है, यह हम नहीं समझ सकते, उसी प्रकार सरकारी अधिकारी भ्रष्टाचार कब करते हैं, इसे हम नहीं पहचान सकते’, ऐसा आर्य चाणक्य ने भ्रष्टाचार के विषय में लिख रखा है ।
इस प्रकरण में ३ आरोपियों को बंदी बनाया गया है । जिसमें फरीदाबाद (हरियाणा) के धर्मगुरू रामचंद्र भारती, भाग्यनगर के व्यापारी नंद कुमार और तिरुपति के सिम्हयाजी स्वामी का समावेश है । इसके साथ केरल में कोच्ची के डॉ.जग्गू के घर की तलाशी ली गई ।
जो जनता को प्रतिदिन अनेक वर्षों से दिख रहा है, वही आज उच्चतम न्यायालय कह रहा है । यह स्थिति सभी पार्टी के शासनकर्ताओं को भी ज्ञात है, तब भी यह स्थिति बदलने के लिए कोई भी ठोस और कठोर प्रयास नहीं करते, यह भारतीयों के लिए लज्जास्पद है !
‘केजरीवाल अराजकता के प्रतीक हैं । स्वयं की सरकार द्वारा किए भ्रष्टाचार के सूत्रों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ही उन्होंने मुद्रा नोटों पर देवताओं के चित्र छपवाने की मांग की है ।