जयपुर महाराष्ट्र मंडल के शिष्टमंडल के साथ संवाद
इस बातचीत में नई पीढी को हमारे गौरवशाली धर्म एवं हमारी सांस्कृतिक धरोहर के साथ जोडने हेतु किस प्रकार के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं, इस पर प्रमुखता से बातचीत हुई ।
इस बातचीत में नई पीढी को हमारे गौरवशाली धर्म एवं हमारी सांस्कृतिक धरोहर के साथ जोडने हेतु किस प्रकार के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं, इस पर प्रमुखता से बातचीत हुई ।
पिछले १५ दिनों से पूरे देश में भीषण गर्मी की लहर चल रही है । ऐसे में ३० अप्रैल को देश के कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ वर्षा हुई ।
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ ने पहचान बदलकर जयपुर में विवाह (निकाह) किया था । उसने निकाह के लिए झूठे प्रमाणपत्र (फर्जी दस्तावेज) तैयार किए तथा उन्हीं के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाया ।
हिन्दुओं के धार्मिक कार्यक्रम में कव्वाली गाने का साहस होना, तथा ऐसे व्यक्ति को भजन के लिए आमंत्रित करना यह संबंधित हिन्दुओं के लिए लज्जाजनक है ।
विशेष अन्वेषण दल ने ३ युवकों को पकड कर उनके पास से २ किलो आरडीएक्स विस्फोटक एकत्र किया था । यह विस्फोटक पाकिस्तान से भेजा गया था । इसके माध्यम से राजस्थान, दिल्ली आदि स्थानों पर बम विस्फोट करने की योजना थी ।
फरवरी में हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राजस्थान के अजमेर और कोटा शहर में दौरा किया । इस समय उनके मार्गदर्शन का आयोजन विभिन्न जगहों पर किया गया । उसका संक्षिप्त वृत्तांत…
जैसलमेर–जोधपुर महामार्ग पर एक चलती वातानुकूलित बस में १४ अक्टूबर की दोपहर को आग लग गई ।
भारत में मुसलमान नहीं, बल्कि हिन्दू असुरक्षित हैं — यह बात प्रतिदिन विभिन्न घटनाओं के माध्यम से सामने आ रही है । ऐसे समय में हिन्दू तथा उनकी संस्थाएं यदि संगठित होकर हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए प्रयत्न करने की अपेक्षा निष्क्रिय रहती हैं, तो यह उनसे अपेक्षित नहीं है ।
भारत में मुसलमान नहीं, अपितु हिन्दू ही असुरक्षित हैं, यही दर्शानेवाली यह एक अन्य घटना है । इस विषय पर निधर्मीवादी कभी मुख नहीं खोलेंगे; परंतु इस स्थान पर मुसलमान की हत्या हुई होती, तो सभी ने कोलाहल किया होता ।
पहले जब हम अक्षर सीखते थे, तब ‘ग’ से ‘गणपति’ सिखाया जाता था; लेकिन अब कई लोगों ने इस पर आपत्ति की एवं कहा कि “गणपति एक धार्मिक शब्द है और वह एक विशेष धर्म से संबंधित है, यह स्वीकार्य नहीं है । वे एपीक्स विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे ।