Bangladesh Hindu Temple Demolished : बांग्लादेश में तोड़ा गया हिंदुओं का मंदिर
पाकिस्तान के साथ-साथ बांग्लादेश को भी सबक सिखाने का साहस भारत कब दिखाएगा ?
पाकिस्तान के साथ-साथ बांग्लादेश को भी सबक सिखाने का साहस भारत कब दिखाएगा ?
बांग्लादेश में हिन्दुओं का नस्लसंहार तय है, इसलिए ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं और इस पर दुनिया भर के हिन्दू, उनकी संस्थाएं और सरकारें भी निष्क्रिय बनी रहेंगी !
भारत के विदेश मंत्रालय ने बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा पर बोलते हुए बांग्लादेश से कहा कि हमारे देश के प्रकरणों में हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
बांग्लादेश ने यह भी मांग की है कि ‘हमें हमारा हिस्सा दिया जाए ।
बांग्लादेश के मौलवी बाजार में स्थित कमलगंज उपजिले में एक हिन्दू लडकी की नृशंस हत्या की गई; ऐसी घटना उजागर हुई है । मृत लडकी का नाम पूर्णिमा रेली हैं । वह चौथे कक्षा की छात्रा थी ।
बांग्लादेश में पुनः एक बार हिंसा की चिंगारी भडक उठी है । देश के २४ से अधिक जिलों में निदर्शकों द्वारा भूतपूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के अवामी लीग पार्टी के नेताओं के घरों पर आक्रमण किया तथा उन्हें जलाया गया हैं ।
इसके विपरित भारत के संविधान से धर्मनिरपेक्ष शब्द हटाकर यदि हिन्दू राष्ट्र डाला होता, तो भारत ‘विश्वगुरु’की दिशा में क्रमण करने में पहेला कदम उठा चूका होता ! इससे दोनों मानसिकताओं का भेद ध्यान में आता है !
भारत द्वारा ऐसा साहस दिखाने की संभावना कम है । पिछले २५ वर्षों में भारत में घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी मुसलमान सर्वदलीय शासकों को बाहर नहीं निकाल पाए हैं, यह भारत के लिए लज्जाजनक है !
वे सिखों के नौवें गुरु गोविंद सिंह जी के दो सुपुत्रों के बलिदान के अवसर पर आयोजित ‘वीर बाल दिवस’ के कार्यक्रम में बोल रहे थे।
आंदोलनकारियों ने हाथ में ‘भारत सरकार बांग्लादेशी हिन्दुओं को संरक्षण दे’, यह मांग करनेवाले फलक पकडे थे । कुछ स्थानों पर ‘बांग्लादेश’ लिखे गए पत्रक फूंके गए, तो कुछ धर्मप्रेमियों ने विरोध के रूप में काले रंग के कपडे पहने थे ।