उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तीन दिनों में बम से उडाने की धमकी
इससे ध्यान में आता है कि, अपराधियों को किसी का भी डर नहीं रहा ! यह सरकारी तंत्र के लिए लज्जास्पद !
इससे ध्यान में आता है कि, अपराधियों को किसी का भी डर नहीं रहा ! यह सरकारी तंत्र के लिए लज्जास्पद !
ऐसे प्रसंग में महिला आयोग एवं महिला संगठन मुसलमान महिलाओं के लिए कभी आवाज उठाते हैं क्या ?
‘श्रीकानिफनाथमाहात्म्य’ मराठी भाषा में काव्यबद्ध ग्रंथ का हिन्दी, अंग्रेजी, कन्नड एवं तेलगु भाषाओं में अनुवाद होने पर सर्व प्रांतों में श्रद्धालुओं को इस ग्रंथ का लाभ मिलेगा । उनका दैनंदिन जीवन सहज-सुलभ होने में बडी सहायता होगी, ऐसा श्रद्धालुओं का कहना है ।
आरोपियों को तत्काल दण्ड देने के लिए सरकारी यन्त्रणा से सख्त प्रयत्न न होने से ही हिन्दुओं को ऐसी चेतावनी देनी पडती है । यह सरकारी यन्त्रणा को लज्जास्पद ! सरकार अभी तो हत्त्या हुए सभी हिन्दुत्वनिष्ठों के हत्त्यारों को शीघ्र दण्ड देने के लिए प्रयत्न करेंगी क्या ?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास कार्यों की समीक्षा के लिए वाराणसी गए थे। वाराणसी से लक्ष्मणपुरी लौटते समय योगी आदित्यनाथ जी के हेलीकॉप्टर से पक्षी टकरा गया, जिससे हेलीकॉप्टर तुरंत उतारा गया।
भारत को धर्म के आधार पर विभाजित कर एक बडा भूभाग मुसलमानों को दिया गया; मात्र मोहनदास गांधी के ऐसा कहने पर कि ‘जिन मुसलमानों को भारत में रहना है, वे यहीं रह सकते हैं’, परिणामस्वरूप मुसलमानों की भारी जनसंख्या इस देश में ही रह गई । आज वही इस देश को नष्ट करने पर तुले हैं ।
नूपुर शर्मा के विरोध में १० जून शुक्रवार की नमाज के उपरांत भारत के १४ राज्यों में ९० से अधिक स्थानों पर मुसलमानों ने एक ही समय पर मोर्चा निकाला । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, सहारनपुर और मुरादाबाद ,इन स्थानों पर पत्थर फेंके और आगजनी की घटनाएं हुई ।
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां द्रविड शैली में निर्मित रामलला सदन मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा में उपस्थित थे । श्रीराम जन्मभूमि से केवल कुछ ही दूरी पर दक्षिण भारतीय शैली में मंदिर निर्माण किया गया है । अयोध्या का यह प्रथम मंदिर है, जहां भगवान श्रीराम के कुलदेवता भगवान रंगनाथन का मंदिर है । यहां भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं सीतामाता की मूर्तियों की प्राणप्रतिष्ठा की गई ।
सभी भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी ऐसा समय लाना चाहिए जब वे गर्व से ऐसा कह सकें !
हिन्दुओं को ऐसा ही लगता है कि सरकार ने इससे आगे जाकर मदरसों को मिलनेवाला अनुदान ही बंद कर वह धन विकास कार्याें के लिए उपयोग करें !