कर्णावती (गुजरात) के सनातन के १२७वें संत श्रीपाद हर्षेजी का देहत्याग ।

कर्णावती (गुजरात) के, सनातन के १२७वें संत श्रीपाद नरहर हर्षे (९१ वर्ष) का १५ जनवरी को दोपहर २:३० बजे देह त्याग हुआ । उन्होंने २ नवंबर, २०२३ को संतत्व प्राप्त किया था । उनका अंतिम संस्कार १६ जनवरी को किया गया ।

​राजस्थान के प्रसिद्ध उद्यमी एवं लघुउद्योग भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ताराचंद गोयल की गोवा स्थित सनातन आश्रम को सदिच्छा भेंट !

​”देश को आध्यात्मिक स्तर पर आगे ले जाने का, जो कार्य कोई अन्य नहीं कर रहा, वह सनातन संस्था कर रही है !” – ताराचंद गोयल

अर्धमूर्छित स्थिति में भी आंतिरक साधना के बल पर ८१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त कर, पू. (स्व.) श्रीमती निर्मला दातेजी सनातन के ‘सद्गुरु’ पद पर विराजमान !

२२.१२.२०२५ को सनातन की संत पू. (स्व.) श्रीमती निर्मला दातेजी ने देहत्याग किया । उन्होने केवल जागृतावस्था में ही नहीं, अपितु अर्धमूर्छित स्थिति में भी साधना कर सभी साधकों के सामने आदर्श स्थापित किया है !

‘अपने मन के प्रति अपना दृष्टिकोण कैसा हो ?’, इस विषय पर ज्ञानयोगी पू. अनंत आठवलेजी द्वारा किया अनमोल मार्गदर्शन !

सनातन की साधिका डॉ. (श्रीमती) मधुवंती पिंगळे ने सनातन के १०१वें संत ज्ञानयोगी पू. अनंत आठवलेजी को जिज्ञासावश एक प्रश्न पूछा । वह प्रश्न और उस पर पू. अनंत आठवलेजी का उत्तर आगे दिया है ।

देवद (पनवेल) के सनातन आश्रम की साधिका श्रीमती सुलभा मालखरेजी सनातन के १३६वें व्यष्टि संतपद पर विराजमान !

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के प्रति अटूट श्रद्धा रखनेवाली यहां के सनातन आश्रम की साधिका श्रीमती सुलभा मालखरेजी (आयु ८४ वर्ष) ७१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त कर सनातन संस्था के १३६वें व्यष्टि संतपद पर विराजमान हुईं । सनातन की संत पू. (श्रीमती) अश्विनी पवारजी ने एक अनौपचारिक कार्यक्रम में उपस्थित साधकों को यह शुभ समाचार दिया ।

प्रेमभाव का मूर्त स्वरूप तथा मिरज आश्रम के आधारस्तंभ रहे सनातन के ५१वें संत पूज्य जयराम जोशी आजोबा का देहत्याग ।

प्रेमभाव के मूर्त स्वरूप, साधकों के प्रति वात्सल्यभाव रखने वाले तथा भावभक्ति के बल पर मिरज आश्रम के मुख्य आधार बने सनातन के ५१वें समष्‍टि-संत पूज्य जयराम जोशी आजोबा (पू. आबा) (वय ८८ वर्ष) ने ९ दिसम्बर २०२५ को रात्रि ९ बजकर २५ मिनट पर सनातन के मिरज आश्रम में देहत्याग किया ।

सनातन के ५३वें संत पू. सीताराम देसाई (आयु ८४ वर्ष) का देहत्याग !

गोवा के निवासी सनातन के ५३वें संत पू. सीताराम देसाईजी (आयु ८४ वर्ष) ने २३ अक्टूबर २०२५ को सायंकाल ६ बजकर २५ मिनट पर देहत्याग किया । सनातन के मार्गदर्शन के अनुसार साधना कर उन्होंने ३१ जुलाई २०१५ को व्यष्टि संतपद प्राप्त किया था ।

धर्मरक्षा हेतु प्राणों का बलिदान देनेवाले ८० करोड हिन्दुओं के लिए हरिद्वार में किया गया सामूहिक तर्पण !

सनातन धर्म के लिए अपने प्राणों का बलिदान देनेवाले लाखों हिन्दुओं की स्मृति में यहां के पवित्र चंडी घाट पर नौंवा ‘सामूहिक जल तर्पण’ किया गया ।